विश्व टेलीविजन दिवस 2026: कब और क्यों मनाते है? जानिए TV का महत्व और कुछ फैक्ट्स

1996 से ही हर साल 21 नवंबर को विश्व टेलीविजन दिवस मनाया जाता है, जिसकी घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा टीवी के महत्व को उजागर के मकसद से की गई थी।



World Television Day 2026: वर्ष 1996 से ही हर साल 21 नवंबर को विश्व टेलीविजन दिवस मनाया जाता है, जिसकी घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) द्वारा टीवी के महत्व और असर को देखते हुए एक प्रस्ताव पारित कर की गयी थी। इस साल 2026 में 31वां वर्ल्ड टेलीविज़न डे 21 नवम्बर को शनिवार के दिन मनाया जा रहा है। इसे विश्व दूरदर्शन दिवस भी कहा जा सकता है।

विश्व टेलिविज़न दिवस - 21 नवंबर
विश्व टेलिविज़न दिवस – 21 नवंबर 2026

टेलीविजन को रेडियो का एक विकसित रूप कहा जा सकता है, भारत में भी पहले दूरदर्शन (टीवी चैनल) आकाशवाणी (भारत का पुराना सरकारी रेडियो चैनल) के साथ जुड़ा हुआ था जो बाद में आकाशवाणी से अलग हो गया। यहाँ हम आपको विश्व टेलीविजन दिवस कब मनाया जाता है? इसका इतिहास, उद्देश्य, महत्व और इससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण फैक्ट्स (तथ्य) के बारे में बताने जा रहे है।

विश्व दूरदर्शन दिवस के बारे में जानकारी:
नाम:विश्व टेलीविजन दिवस
शुरूआत:वर्ष 1996 में
तिथि:21 नवम्बर (वार्षिक)

विश्व टेलीविजन दिवस का इतिहास (History)

17 दिसंबर 1996 को संकल्प 51/205 के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र महासभा ने विश्व टेलीविजन दिवस मनाने का आह्वान किया और 21 नवंबर को वर्ल्ड टेलीविज़न डे घोषित किया गया। हालांकि यह दिन घोषित करने से पहले काफी वाद विवाद हुए।

21 और 22 नवम्बर 1996 में आयोजित पहले वर्ल्ड टेलेविज़न फ़ोरम में जर्मनी के प्रतिनिधिमंडल द्वारा विरोध व्यक्त करते हुए कहा गया कि पहले से ही समान विषयों पर तीन संयुक्त राष्ट्र दिवस शामिल किए जा चुके हैं जो है:

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस (World Press Freedom Day)
विश्व दूरसंचार दिवस (World Telecommunication Day) और
विश्व विकास सूचना दिवस (World Development Information Day).

ऐसे में एक और अंतरराष्ट्रीय दिवस जोड़ने का कोई अर्थ नहीं है, उन्होंने TV को मात्र सूचना का एक माध्यम बताया।

हालांकि उस समय टीवी ज्यादातर अमीर लोगों के पास ही हुआ करते थे इसीलिए इसका विरोध करते हुए उन्होंने कहा की रेडियो एक विशेष सूचना का माध्यम है तथा वे टेलीविज़न की तुलना में रेडियो की भूमिका को बढ़ाना अधिक महत्वपूर्ण समझते है।



भारत में दूरदर्शन की शुरूआत कैसे हुई?

भारत में टीवी का आगमन भले ही देरी से हुआ परन्तु 15 सितंबर 1959 को देश के सबसे पहले टीवी चैनल दूरदर्शन की शुरूआत के बाद इस पर कार्यक्रमों के प्रसारण के साथ ही इसे लोकप्रियता मिलनी शुरू हो गई। उस समय यह लोगों के लिए एक नया अनुभव था लोग इसे चमत्कार मानते थे।

भले ही दूरदर्शन की शुरूआत हफ्ते में 3 दिन आधे-आधे घंटे के कार्यक्रमों से हुई लेकिन इसका विस्तार काफी तेजी से हुआ और कुछ ही सालों में इस पर रोज प्रसारण किया जाने लगा।

शुरूआत में इसका नाम टेलीविजन इंडिया था परन्तु 1975 में इस चैनल का नाम दूरदर्शन रख दिया गया और देश के 7 शहरों तक इस पर समाचार और कृषि दर्शन जैसे विभिन्न कार्यक्रमों को भी प्रसारित किया जाने लगा। जिसके बाद 1980 के दशक में पूरे भारत में रंगीन प्रसारण शुरू हुआ और लोग टीवी के दीवाने हो गए।

दूरदर्शन पर आने वाले लोकप्रिय धारावाहिकों जैसे बुनियाद, शक्तिमान, चित्रहार, अलिफ लैला तथा रामायण और महाभारत आदि ने लोगों के दिलों पर राज किया।



वर्ल्ड टेलीविजन डे क्यों मनाया जाता है?

टीवी के महत्व और हमारे जीवन में इसकी जरूरत को चिन्हित करने के लिए ही प्रत्येक वर्ष 21 नवम्बर को विश्व टेलीविजन दिवस मनाया जाता है। टेलीविजन ने जनसंचार में अहम भूमिका अदा की है। यह संचार और सूचना का एक ऐसा माध्यम है जहां से हमें सभी विषयों से जुड़ी जानकारियां जैसे मनोरंजन, खबरें, सिनेमा, शिक्षा एवं जागरूकता तथा विज्ञान से जुड़ी गतिविधियां और इतिहास हमारे समक्ष दिखाई पड़ता है।

टेलीविजन आज हर एक घर में दिखाई दे जाता है यह मनुष्य की आवश्यकताओं में से एक बन चूका है ऐसे में विश्व दूरदर्शन दिवस भी हमारे जीवन में दूरदर्शन के महत्व एवं इसकी जरूरत को सही ढंग से सेलिब्रेट करने का दिन है।



टेलीविजन के बारे में कुछ रोचक तथ्य (10 Lines About TV in Hindi)

  • टेलीविज़न का आविष्कार ‘जॉन लोगी बेयर्ड‘ द्वारा 1925 में किया गया था।

  • 1927 में पहला वर्किंग टेलिविजन फिलो फा‌र्न्सवर्थो द्वारा निर्मित किया गया।

  • जे.एल.बेयर्ड द्वारा 1928 में कलर टेलीविजन का अविष्कार हुआ।

  • थॉमस एडिसन और ग्राहम बेल द्वारा 1930 में आवाज और फोटो ट्रांसफर करके दिखाया गया था।

  • भारत में टेलीविजन प्रसारण करने की शुरुआत 15 सितंबर 1959 को दिल्ली में हुई थी।

  • 1948 में पहली बार टेलीविजन का शॉर्ट फॉर्म टीवी इस्तेमाल किया गया तथा Television शब्द को 1960 में डिक्शनरी में जोड़ा गया।

  • टीवी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला रिमोट, यूजीन पोली द्वारा 1955 में बनाया गया।

  • आज टीवी ना केवल मनोरंजन बल्कि कनेक्टिविटी के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।

  • भारत की पहली न्यूज़ रीडर प्रतिमा पुरी थी।

  • इतिहास में लाइव प्रसारित होने वाला पहला खेल 1936 में आयोजित बर्लिन ओलंपिक गेम्स था।

  • 2 अक्टूबर 1992 को भारत में आया Zee TV पहला प्राइवेट चैनल था। जिस पर प्रसारित किए जाने वाले कार्यक्रमों को दर्शकों ने खूब पसंद किया।

आज का टीवी स्मार्ट होता जा रहा है आज मार्केट में एलसीडी/एलइडी 4K, अल्ट्रा एचडी और स्मार्ट टीवी की भरमार है। आपको याद दिला दें की साल 2019 में दूरदर्शन ने अपने स्थापना दिवस के 60 साल पूरे कर लिए हैं।


हमारे जीवन में टेलिविजन का महत्व (निबंध):

टेलीविजन (TV) का जुड़ाव हमारे जीवन में शुरु से ही रहा है ‘ब्लैक एंड वाइट‘ से लेकर आज के रंगीन और स्मार्ट टीवी के जमाने तक टेलीविजन लोगों के मनोरंजन का पहला और सबसे प्रिय साधन है। आज भी लोगों को टेलीविजन देखना उतना ही पसंद है जितना 20 या 30 साल पहले था।

टीवी के इसी महत्व को समझते हुए विश्व स्तर पर वर्ल्ड टेलीविज़न डे मनाने की घोषणा की गई है। टेलीविज़न को हिंदी में दूरदर्शन कहा जाता है हालांकि आज दूरदर्शन मात्र एक चैनल बनकर रह गया है और इसकी जगह प्राइवेट चैनलों ने ले ली है।

टीवी के जरिए कुछ ऐसे लोगों से भी हम मिल लेते हैं जिनसे शायद हमारी मुलाकात कभी ना हो पाए इतना ही नहीं टेलीविजन के माध्यम से हम कई लाइव प्रसारणों को भी देख पाते हैं।

टेलीविजन मानसिक संतुष्टि प्रदान करने का काम कर सकता है, हम TV के माध्यम से अपना मनोरंजन कर सकते हैं। यहां हर आयु वर्ग के लिए चैनलों की भरमार है बच्चों के लिए कार्टून और शिक्षा से जुड़े चैनल है, तो वहीं बुजुर्गों के लिए धार्मिक और भजन कार्यक्रमों के लिए अलग से ही चैनल मौजूद है।

साथ ही युवाओं के लिए गाने एवं फिल्मों तथा सीरियल और स्पोर्ट्स चैनल की भी कतार दिखाई देती है।

आज मनुष्य के हाथ मोबाइल आ जाने से इसके महत्व में कुछ कमी जरूर आई है वही 90 के दशक में टेलीविजन और रेडियो ही सूचना एवं संचार तथा मनोरंजन का एकमात्र साधन हुआ करता था उस समय चैनल्स भी गिने-चुने ही थे।


स्मार्टफोन के आने कम हुई टीवी की लोकप्रियता?

पिछले कुछ सालों में स्मार्टफोन आ जाने से दुनिया भर में TV की मांग में थोड़ी कमी जरूर आई है आज के इस डिजिटल युग में ज्यादातर काम स्मार्टफोन से ही होने लगे हैं। ऐसे में टीवी चैनल ऐप के माध्यम से अब मोबाइल फोंस के जरिए ही लोगों का मनोरंजन करने लगे हैं।

इतना ही नहीं ओटीटी प्लेटफॉर्म जैसे अमेजॉन प्राइम वीडियो, नेटफ्लिक्स से सिनेमा का महत्व भी अब कम होने की संभावनाएं बनी हुई है।

आगे जाकर यह भी हो सकता है कि हम स्मार्टफोन दिवस या मोबाइल दिवस भी मनाना शुरू कर देंगे खैर अभी हम World TV Day तक ही सीमित रहने का प्रयास करते है।


आप सभी को HindiGyanStudio.com की पूरी टीम की तरफ से विश्व दूरदर्शन दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।


Sandeep Kumar

संदीप, HindiGyanStudio.Com के प्रमुख लेखक हैं, वे अक्सर इस पर महत्वपूर्ण दिवसों, जयंती, त्योहारों और अन्य जरुरी विषयों पर जानकारी अपडेट करते हैं। उनके पास कंटेंट लेखन में 5 सालों से अधिक का अनुभव है, वे इससे पहले कई वेबसाइट्स पर आर्टिकल लिखते रहे है।