Rashtriya Ekta Diwas 2026: भारत के पहले गृहमंत्री और देश को वास्तव में एकजुट करने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती के उपलक्ष्य में हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) मनाया जाता है। वे भारत के महान महापुरूषों में से थे, जिन्होंने देश की उन्नति में बहुमूल्य योगदान दिया।

इस साल 31 अक्टूबर 2026 को सरदार पटेल की 151वीं वर्षगाँठ मनाई जा रही है, जिसे एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत ‘रन फॉर यूनिटी’ प्रोग्राम के साथ मनाया जाता हैं। साल 2019 में इस महत्वपूर्ण दिवस पर, गृह मंत्री अमित शाह जी ने मेजर ध्यानचंद स्टेडियम से Run For Unity को हरी झंडी दिखा कर प्रतिभागियों को एकता की शपथ भी दिलाई थी।
| नाम: | राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) |
| स्मृति दिवस: | सरदार वल्लभभाई पटेल |
| शुरूआत: | वर्ष 2014 में |
| तिथि: | 31 अक्टूबर (वार्षिक) |
| उद्देश्य: | देश को एकजुट करना और सरदार पटेल को श्रध्दांजलि देना। |
राष्ट्रीय एकता दिवस की शुरूआत कैसे हुई? इतिहास (History)
भारत में प्रतिवर्ष 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस (World Unity Day) के रूप में मनाए जाने की शुरूआत वर्ष 2014 में भारत की केंद्र सरकार द्वारा की गयी थी। इसका उद्देश्य भारत को एकजुट करने के उनके महान प्रयासों को याद करना और उन्हें श्रद्धांजलि देना था।
2014 में इसकी घोषणा के साथ ही इस दिन का उद्घाटन माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर, नई दिल्ली में ‘रन फॉर यूनिटी’ नामक कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाकर किया गया था। तभी से इस कार्यक्रम को सरदार पटेल द्वारा देश को एकजुट करने के लिए किए गए प्रयासों को उजागर करने की योजना के तहत हर साल मनाया जाता है।

यह भी पढ़े: 31 अक्टूबर: इंदिरा गाँधी पूण्यतिथि
सरदार पटेल की जयंती को एकता दिवस के रूप में क्यों मनाया जाता है?
प्रति वर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने की शुरूआत करने का उद्देश्य देश के लिए लौह पुरुष सरदार पटेल जी द्वारा किए गए असाधारण कार्यों को याद करके उनकी जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देना है, क्योंकि उन्होंने भारत को एकजुट रखने में वास्तव में कड़ी मेहनत की है।
राष्ट्रीय एकीकरण के लिए उनका समर्पण पूरी तरह से एक नया मुक्त संयुक्त राष्ट्र बनाने पर था। देश में एकता के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें 1947 से 1949 तक स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के माध्यम से ब्रिटिश शासन से 500 से अधिक स्वतंत्र रियासतों को एकीकृत करने में सक्षम बनाया।
यह दिन भारतीय नागरिकों को यह एहसास कराता है कि राष्ट्रीय एकता किसी भी राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए वास्तविक और संभावित खतरों को हराने में कैसे मदद करता है।
सरदार पटेल ने देश के लिए क्या किया?
लौह पुरुष सरदार पटेल ने भारत को संयुक्त भारत (एक भारत) बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। भारत के पहले गृह मंत्री और उप प्रधान मंत्री होने के नाते उन्होंने भारतीय संघ बनाने के लिए कई भारतीय रियासतों के एकीकरण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे राष्ट्र में शांति बहाल करने के लिए भारी प्रयास किए।
स्वतंत्रता मिलने के बाद भारत 500 से अधिक छोटी-छोटी रियासतों में बट गया सभी रियासतें स्वतंत्र रूप से किसी भी देश हिस्सा बनने या अपना एक अलग राष्ट्र बनाने के लिए स्वतंत्र थे। सरदार पटेल जानते थे कि अगर ऐसा हुआ तो भारत के लिए यह अच्छा नहीं होगा और जितनी रियासतें होंगी उतने ही दुश्मन बनेंगे ऐसे में उन्होंने अपनी समझदारी, सूझबूझ और अदम्य साहस से सभी 562 रियासतों का विलय कर भारत को एक राष्ट्र बनाया।
उन्होंने भारत के लोगों को श्रेष्ठ भारत (सबसे महत्वपूर्ण भारत) बनाने के लिए एकजुट होकर जीने का अनुरोध किया। और देश की स्वतंत्रता, एकजुटता एवं स्वतंत्र राष्ट्र बनाने के लिए लोगों के एकीकरण के लिए एक सामाजिक नेता के रूप में कड़ी मेहनत की।
● जवाहरलाल नेहरू जयंती (बाल दिवस)
● स्वामी विवेकानंद जयंती (राष्ट्रिय युवा दिवस)
● अटल बिहारी वाजपेयी जयंती (सुशासन दिवस)
कौन थे सरदार वल्लभभाई पटेल (बायोग्राफी)
31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के नाडियाड में जन्मे सरदार वल्लभभाई पटेल (उन्हें वल्लभभाई झावेरभाई पटेल भी कहा जाता था।) पेशे से वकील थे, उनके पिता का नाम झावेरभाई और माता का नाम लाड़बाई देवी था। वह एक बैरिस्टर, राजनेता, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक नेता तथा भारतीय गणराज्य के संस्थापक, पिता और भारत के आधुनिक राजनीतिक वास्तुकारों में से एक थे।
उन्हें मुख्य तौर पर स्वतंत्र भारतीय संघ में 500 से अधिक रियासतों के राजनीतिक एकीकरण के लिए जाना जाता है। उन्होंने 565 रियासतों को भारत का हिस्सा बनने के लिए एकजुट किया।
वह EMHS(एडवर्ड मेमोरियल हाई स्कूल) बोरसाद के पहले अध्यक्ष और संस्थापक भी थे। वर्तमान में यह झावेरभाई दाजीभाई पटेल हाई स्कूल के नाम से जाना जाता है। लौह पुरुष के रूप में लोकप्रिय, पटेल को ‘सरदार’ के रूप में संबोधित किया गया, जिसका अर्थ है प्रमुख या नेता।

1946 में, कांग्रेस चुनावों के दौरान सोलह राज्यों में से तेरह ने सरदार पटेल को अपना अध्यक्ष चुना, जो जवाहरलाल नेहरू की तुलना में स्वतंत्र भारत के पहले प्रधान मंत्री के लिए अधिक लोकप्रिय उम्मीदवार थे।
हालांकि, महात्मा गांधी के कहने पर उन्होंने एक उम्मीदवार के रूप में पद छोड़ दिया और जवाहरलाल नेहरू का समर्थन किया। आखिरकार, 1947 में सरदार पटेल भारत के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री बने।
उनकी मृत्यु भारत के बंबई, (अब मुंबई) शहर में 15 दिसंबर 1950 मे हुई। 1991 में, सरदार वल्लभभाई पटेल को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया। वर्ष 2014 से ही हर साल 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जन्म जयंती पर उन्हें याद करते हुए यह दिन ‘राष्ट्रीय एकता दिवस‘ के रूप में मनाया जाता है।
उन्हें भारत के “लौह पुरुष” (Iron Man) और “भारत के सिविल सेवकों के संरक्षक संत” के रूप में याद किया जाता है क्योंकि उन्होंने आधुनिक अखिल भारतीय सेवा प्रणाली की स्थापना की थी।
वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के नर्मदा जिले के केवडिया में दुनिया की सबसे ऊंची (182 मीटर) मूर्ति ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ (Statue Of Unity) को राष्ट्र को समर्पित किया था। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस परियोजना की घोषणा 31 अक्टूबर, 2013 को नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

Rashtriya Ekta Diwas कैसे मनाया जाता है?
राष्ट्रीय एकता दिवस पर एकता के प्रतीक वल्लभभाई पटेल जी को याद करने के लिए राष्ट्रव्यापी मैराथन और राष्ट्रीय एकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस अवसर का जश्न प्रतिवर्ष देश के युवाओं को जागरूक करने में मदद करता है और सभी को राष्ट्र की अभिन्न शक्ति को बनाए रखने का अवसर प्रदान करता है।
Run For Unity Program
भारत सरकार द्वारा इस अवसर को चिन्हित करने के लिए “रन फॉर यूनिटी” कार्यक्रम को प्रमुख शहरों, जिला कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया जाता है। स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC), राष्ट्रीय सेवा योजना, आदि के बच्चे इन कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। यह राष्ट्रीय राजधानी में विजय चौक से इंडिया गेट तक राजपथ पर सुबह 8:30 बजे विशाल स्तर पर आयोजित किया जाता है। तथा भारतीय पुलिस द्वारा मार्च पास्ट लेना भी इसमें शामिल है।
राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ (Unity Pledge)
राष्ट्रीय एकता दिवस (नेशनल यूनिटी डे) के लिए Pledge (प्रतिज्ञा/शपथ) निम्नलिखित है:
मैं पूरी तरह से प्रतिज्ञा करता हूं कि मैं राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए खुद को समर्पित करता हूं और अपने साथी देशवासियों के बीच इस संदेश को फैलाने के लिए कड़ी मेहनत करता हूं।
मैं अपने देश के एकीकरण की भावना में यह प्रतिज्ञा लेता हूं, जो सरदार वल्लभभाई पटेल की दृष्टि और कार्यों से संभव हुई। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान देने का पूरी तरह से संकल्प करता हूं।









