शिक्षा एवं शिक्षक का महत्व और हमारे जीवन में उनकी भूमिका (निबंध/भाषण)

शिक्षा एवं शिक्षक का महत्व और हमारे जीवन में उनकी भूमिका काफी अहम है, इस लेख में Importance of teacher in our life HIndi के बारे में जानकारी दी गयी है।



Teacher’s Day Importance: आजकल देश और दुनियाभर में शिक्षकों का महत्व काफी कम होता जा रहा है कुछ लोग शिक्षकों को केवल पैसे कमाने या शिक्षक पद को पेशे के रूप में इस्तेमाल करने के नजरिए से देखते हैं। परंतु यह सही नहीं है शिक्षक आज भी राष्ट्र निर्माता के रूप में जाना जाता है और भारतीय संस्कृति में तो गुरु का स्थान भगवान के समान माना गया है।

Importance of Teachers day: शिक्षक दिवस का महत्व
Importance of Teachers day: शिक्षक दिवस का महत्व

माता-पिता के बाद गुरु ही वह व्यक्ति होता है जो किसी भी इंसान को शिक्षित करने में अहम योगदान देता है। और विद्यार्थी एवं शिक्षक का रिश्ता तो अटूट होता है। यह भी माना जाता है कि अधिक योग्य और बेहतरीन शिक्षक वही होता है जिसके भीतर सदैव एक विद्यार्थी जीवित रहता है।

परंतु यह देखकर काफी दुख होता है कि लोग अब शिक्षकों को वह सम्मान नहीं देते जो पहले दिया करते थे। अर्थात दिन-प्रतिदिन Teachers की Importance कम होती जा रही है। आज शिक्षक दिवस के मौके पर हम आपको हमारे जीवन में शिक्षा (Education) और शिक्षक (Teachers) का महत्व बताने जा रहे हैं जहाँ Importance of teacher in our life को भी हिंदी में समझाने का प्रयास करेंगे।

हमारे जीवन में शिक्षा एवं शिक्षक का महत्व

किसी भी व्यक्ति के लिए शिक्षा सबसे जरूरी और अनिवार्य चीज होती है यदि आपको जीवन में सफलता प्राप्त करनी है तो आपका शिक्षित होना काफी जरूरी है। शिक्षा ही इंसान को देश का अच्छा नागरिक एवं सम्मानित व्यक्ति बनाने में मदद करती है।

परंतु एक शिक्षक के बिना शिक्षा प्राप्त करना असंभव है वह शिक्षक किसी भी रूप में हो सकता है वह आपके माता-पिता भाई-बहन आपके अध्यापक, बुरा वक्त या फिर कोई अन्य व्यक्ति विशेष के रूप में भी हो सकता है।

 

टीचर की इम्पोर्टेंस पर कुछ लाइनें:

शिक्षक के बारे में दो बड़ी खास लाइने कही गई हैं जो है:


आपके लिए हर कोई शिक्षक है…
बशर्ते आप उनकी बातों को ध्यान से सुने।


जिस प्रकार फल देने वाले पेड़ फलों से लद कर झुक जाते हैं।

उसी तरह शिक्षा प्राप्त करने वाला व्यक्ति… शिक्षा एवं ज्ञान प्राप्त करने के बाद झुक जाता है।

आथार्त ज्ञान प्राप्त कर व्यक्ति विनम्र, सहनशील, बड़ों का सम्मान एवं महान व्यक्तियों का आदर और उन्हें प्रणाम करता है।


ज्ञान प्राप्त करना तो आसान है परंतु ज्ञान बांटना उतना ही कठिन आप कुछ चीजें सीख तो जरूर सकते हैं लेकिन किसी और को वह चीज सिखाना सबके बस की बात नहीं होती।

गुरु का ऋण चुकाना आसान नहीं है ऐसे में हम उन्हें आजीवन सम्मान अवश्य दे सकते हैं।

भारतीय संस्कृति में शिक्षक या गुरु को भगवान का दर्जा दिया गया है इसे एक श्लोक से समझे तो:


गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरुर देवो महेश्वरः
गुरुः साक्षात्परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नमः

संस्कृत के श्लोक का अर्थ है गुरु ब्रह्मा आथार्त सृष्टिकर्ता, विष्णु आथार्त संरक्षक प्रभु महेश्वर अर्थात् विनाशक के समान है।


 

अध्यापकों की भूमिका (Role of a teacher in hindi)

एक अच्छे शिक्षक की भूमिका के बदौलत ही कोई व्यक्ति सामान्य से खास बन जाता है। एक गुरु ही किसी सामान्य इंसान को डॉक्टर, वकील, इंजीनियर, वैज्ञानिक, सैनिक एवं कई बड़े पदों पर नियुक्त होने का सामर्थ्य प्रदान करता है।

शिक्षकों की राष्ट्र निर्माण के साथ ही सामाजिक परिवर्तन एवं किसी भी व्यक्ति के चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास में भी अहम भूमिका होती है।

एक काबिल शिक्षक अपने विद्यार्थियों के जीवन में सभी गुणों जैसे शांति, एकता, सद्भाव, नैतिकता,धर्म, सच्चाई, ईमानदारी एवं आत्मविश्वास जैसे सभी सद्गुणों को भरता है।

तथा शिक्षक का शिक्षा देने मे साथ ही यह कर्तव्य भी होता है कि वह प्रत्येक विद्यार्थी को गुणों से परिपूर्ण कर एक अच्छा नागरिक बनाएं।

इसके साथ ही वह अपने अंदर के छल कपट, घृणा, क्रोध एवं अन्य अवगुणों को एक तरफ रखते हुए अपने विद्यार्थियों का सही मार्गदर्शन करे एवं उन्हें सही ज्ञान देना भी उनका मुख्य दायित्व होता है। जिसका निर्वहन उन्हे पूरी निष्ठा एवं इमानदारी से करना चाहिये।

इसके साथ ही एक विद्यार्थी या शिष्य का भी यह कर्तव्य बनता है कि वह अपने अध्यापक के प्रति पूर्ण रूप से वफादार रहे और उनका सम्मान करें एवं उनके जीवन को सफल बनाने के लिए हमेशा उनका धन्यवाद व्यक्त करता रहे।

 

शिक्षक दिवस का महत्व (Importance of teacher’s day in hindi)

गुरु अपने शिष्यों की कामयाबी के लिए अथवा अध्यापक अपने छात्र के लिए निस्वार्थ एवं निष्पक्ष पूरी लगन से डटकर मेहनत करते हैं, और उन्हें एक सफल इंसान बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ऐसे में इन शिक्षकों (गुरुओं) की सराहना एवं उनके मनोबल और आत्मविश्वास को बढ़ाने का एक दिन तो होना ही चाहिए।

इसलिए भारत के प्रखर शिक्षक डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने अपनी जयंती को देश के उन सभी शिक्षकों के लिए समर्पित किया, जो लोगों को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की और लाते हैं और उन्हें जीने का बेहतर और सही ढंग सिखाते हैं।

शिक्षा का अर्थ केवल नौकरी पाना या पैसा कमाना ही नहीं है शिक्षा प्राप्त कर इंसान अन्य बहुत से कामों को कर सकता है आज हमारे सामने इसके बेहतरीन उदाहरण मौजूद है।


हालांकि दुनिया में ऐसे भी कई टीचर्स हैं जो केवल पैसे के लिए या फिर शिक्षा देना केवल अपना पेशा समझते हैं और अपने कर्तव्य को ठीक तरह से नहीं निभाते। शिक्षक दिवस उन तमाम ऐसे टीचरों के लिए भी एक सबक का दिन है जो बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। इसके साथ ही शिक्षकों के सम्मान में जो कमी आयी है उसके जिम्मेदार शिक्षकों के साथ-साथ हम भी है।