Vishwa Paryavaran Diwas: 2026 में 5 जून (शुक्रवार) को 52वां विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) मनाया जा रहा है, इस साल मेजबान देश के तौर पर ‘अज़रबैजान गणराज्य‘ को चुना गया है, और इस वर्ष का विषय ‘जलवायु कार्रवाई के लिए एक वैश्विक आह्वान‘ पर आधारित है, जिसे ‘#ClimateAction‘ अभियान के साथ मनाया जाएगा, यह नारा प्रकृति के साथ सद्भाव में रहने पर ध्यान केंद्रित करता है।
वर्ष 2022 मानव पर्यावरण पर पहले संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के 50 साल पूरे होने का प्रतीक है, जब 1972 में स्टॉकहोम सम्मेलन हुआ, जिसमें यूएनईपी की स्थापना और 5 जून को वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे के रूप नामित किया गया।

| नाम | विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) |
| तिथि | 5 जून |
| शुरुआत | 1972 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा |
| पहली बार | 5 जून 1974 |
| उद्देश्य | दुनियाभर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को सचेत करने और इसके महत्व को समझाना। |
| थीम (2026) | Climate Action |
| मेजबान देश (2026) | अज़रबैजान गणराज्य |
विश्व पर्यावरण दिवस कब मनाया जाता है? (इतिहास)
विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है, यह पर्यावरण के बारे में जागरूकता फैलाने पर समर्पित सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय दिवस है। इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 1972 में की गई थी, इसे संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के नेतृत्व में वर्ष 1974 से ही आयोजित किया जा रहा है।
पर्यावरण दिवस की नींव उस समय रखी गई जब पहली बार 1972 मे स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में एक पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया गया था। जिसमें भारत समेत दुनिया भर के लगभग 119 देशों ने हिस्सा लिया था। हालांकि पहला विश्व पर्यावरण दिवस इसके दो साल बाद 5 जून 1974 को मनाया गया था।
क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड एंवायरमेंट डे? उद्देश्य/कारण
दुनिया भर में मनुष्य कार्यकलापों के कारण बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरण की क्षति को रोकने के उद्देश्य से ही 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है और इसे मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी है।
- पेड़ों की अंधाधुंध कटाई को रोकना,
- जैव विविधता को बनाए रखना और विलुप्त होने वाले जीव जंतुओं का संरक्षण करना,
- लोगों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति सचेत करना,
महत्व:
यूनाइटेड नेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक हर साल करीब 70 लाख लोग प्रदूषण से मारे जाते हैं, हवा में मौजूद प्रदूषण के महीन कण सांस लेने के दौरान फेफड़ों में जाकर इसे बुरी तरह प्रभावित करते हैं और इससे दमा और सांस लेने में दिक्कत जैसी बीमारियां उत्पन्न होती है।
World Environment Day 2026 की Theme क्या है?
इसकी शुरुआत से ही यह दिवस एक खास थीम पर आधारित होता है, 1974 में पहला World Environment Day “Only One Earth” Theme के साथ मनाया गया था। इस साल विश्व पर्यावरण दिवस 2026 का मुख्य फोकस “जलवायु परिवर्तन (climate change) और उससे निपटने के लिए वैश्विक कार्रवाई” पर रहेगा। आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार 2026 अभियान का मुख्य संदेश/हैशटैग “#ClimateAction” है।
पिछली साल विश्व पर्यावरण दिवस 2025 की थीम ‘प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना‘ (Ending plastic pollution) है। 2024 में इसे ‘भूमि पुनर्स्थापन, सूखा लचीलापन और मरुस्थलीकरण प्रगति में तेजी लाना‘ (Accelerating land restoration, drought resilience & desertification progress) विषय के साथ मनाया गया था।
विश्व पर्यावरण दिवस 2023 का विषय ‘प्लास्टिक प्रदूषण के समाधान‘ (Solutions to plastic pollution) पर केंद्रित था, जिसे ‘Beat Plastic Pollution‘ अभियान के तहत मनाया गया था। जिसका उद्देश्य हर साल होने वाले 400 मिलियन टन से अधिक प्लास्टिक उत्पादन (जिसमें लगभग आधा सिंगल यूज़ प्लास्टिक होता है), को खत्म करने की दिशा में काम करने हेतु लोगों को जागरूक करना है।
तो वहीं पिछली साल 2022 की थीम ‘केवल एक पृथ्वी‘ (Only One Earth) है। यह विषय हमारे ग्रह को संरक्षित करने और पुनर्स्थापित करने के लिए वैश्विक स्तर पर सामूहिक, परिवर्तनकारी कार्रवाई का आह्वान करता है।
इससे पहले 2021 की थीम ‘पारिस्थितिकी तंत्र बहाली’ (ecosystem restoration) थी, तो वहीं साल 2020 का विषय जैव विविधता (Biodiversity) पर केन्द्रित था।
| वर्ष | थीम | मेजबान देश |
|---|---|---|
| 2023 | प्लास्टिक प्रदूषण मारो | कोटे डी आइवर (नीदरलैंड द्वारा समर्थित) |
| 2022 | केवल एक पृथ्वी | स्वीडन |
| 2021 | पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली | पाकिस्तान |
| 2020 | जैव विविधता | कोलंबिया |
| 2019 | वायु प्रदूषण को हराएँ | चीन |
| 2018 | प्लास्टिक प्रदूषण को हराएँ | भारत |
| 2017 | प्रकृति से लोगों को जोड़ना | कनाडा |
| 2016 | अवैध वन्यजीव व्यापार के लिए जीरो टॉलरेंस | अंगोला |
| 2015 | सात अरब लोग, एक ग्रह, देखभाल के साथ उपभोग करें, | इटली |
| 2014 | समुद्र स्तर नहीं अपनी आवाज उठाएँ! | बारबाडोस |
| 2013 | सोचो, खाओ, बचाओ – अपना फ़ूडप्रिंट कम करें | मंगोलिया |
| 2012 | हरित अर्थव्यवस्था: क्यो इसने आपको शामिल किया है | ब्राजील |
| 2011 | जंगल: प्रकृति आपकी सेवा में | भारत |
| 2010 | बहुत सारी प्रजाति। एक ग्रह। एक भविष्य | बांग्लादेश |
| 2009 | आपके ग्रह को आपकी जरुरत है- जलवायु परिवर्तन का विरोध करने के लिये एक होना | मेक्सिको |
| 2008 | आदत को लात मारो- एक निम्न कार्बन अर्थव्यवस्था की ओर | न्यूजीलैंड |
| 2007 | पिघलता बर्फ? – एक गंभीर विषय | इंग्लैंड |
| 2006 | मरुस्थल और मरुस्थलीकरण – शुष्क भूमि न छोड़ें! | अल्जीरिया |
| 2005 | हरित शहर: ग्रह के लिए योजना | अमेरिका |
| 2004 | वांछित! समुद्र और महासागर – मृत या जीवित | स्पेन |
| 2003 | पानी – दो बिलियन लोग इसके लिए मर रहे हैं | लेबनान |
| 2002 | पृथ्वी को एक मौका दें | चाइना |
| 2001 | जीवन की वर्ल्ड वाइड वेब से जुड़ें | इटली और क्यूबा |
| 2000 | पर्यावरण मिलेनियम – कार्य करने के लिए समय | ऑस्ट्रेलिया |
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 का मेजबान देश?
हर साल World Environment Day के मौके पर दुनिया भर के देशों के साथ एक समारोह आयोजित किया जाता है और कोई ना कोई देश इसकी मेजबानी (Host) करता है और हर साल अलग-अलग देशों को मेजबानी का मौका मिलता है।
इस साल विश्व पर्यावरण दिवस 2026 का वैश्विक आयोजन अज़रबैजान गणराज्य की राजधानी Baku में होगा। पिछली साल 2025 की वैश्विक मेजबानी ‘कोरिया गणराज्य‘, (Republic of Koreaa) द्वारा की गयी थी।
साल 2023 में इसे ‘आइवरी कोस्ट‘, (Côte d’Ivoire) द्वारा नीदरलैंड के साथ साझेदारी में आयोजित किया गया था। साल 2022 में स्वीडन (Sweden) और 2021 में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के साथ साझेदारी में पाकिस्तान ने होस्ट किया था।
जहाँ वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे 2020 की मेजबानी जर्मनी के साथ साझेदारी में कोलंबिया ने की थी, तो वहीं 2019 का मेजबान ‘चीन‘ था और 2018 में 45वें पर्यावरण दिवस को होस्ट करने वाला देश भारत (India) था।
भारत में पर्यावरण दिवस (वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे इन इंडिया)
भारत में पर्यावरण दिवस की शुरुआत से ही इसे मनाया जाता रहा है। 1972 में जब स्टॉकहोम में पर्यावरण को लेकर सम्मेलन हुआ तो भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री मती इंदिरा गांधी ही एकमात्र ऐसी विदेशी प्रधानमंत्री थी जिन्होंने इस सम्मेलन में भाग लिया, और पर्यावरण के कई गंभीर मुद्दों पर अपनी राय रखी।
पर्यावरण संरक्षण के लिए उन्होंने प्रिवेंशन एंड कंट्रोल पॉल्यूशन एक्ट 1974 भी पास किया। वे प्रदूषण के मुद्दे पर इतनी कठोर थी कि उन्होंने 1980 में पर्यावरण विभाग की स्थापना कर डाली।
इसके आलावा उन्होंनें पर्यावरण संरक्षण के सबसे बड़े आंदोलन चिपको को भी अपना पूरा सहयोग दिया। इसके बाद भारत में 19 नवंबर 1986 को पर्यावरण संरक्षण को लेकर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम कानून भी लागू किया गया।
● 7 जून: खाद्य सुरक्षा दिवस
● 14 जून: विश्व रक्तदाता दिवस
● 19 जून: पिता दिवस
● 21 जून: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
कैसे मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस
वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे संयुक्त राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के नेतृत्व में सरकार और संगठनों द्वारा मनाया जाता है। हालांकि कोरोनावायरस महामारी के चलते इसे पिछले कुछ सालों से वर्चुअली आयोजित किया जा रहा था।
इस मौके पर कई प्रकृति और पर्यावरण संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिसमें वृक्षारोपण, साफ सफाई और जागरूकता अभियान का भी आयोजन किया जाता है।
पृथ्वी पर जीवन बनाए रखने के लिए हमें पर्यावरण के साथ तालमेल बनाए रखना काफी आवश्यक है, हमें पेड़ पौधों जीव-जंतुओं और प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना और उनका संरक्षण करना चाहिए ताकी पृथ्वी की आयु मे बढोतरी की जा सके।
मानव क्रियाकलापों के कारण आज वातावरण लगातार दूषित होता जा रहा है और इसका पृथ्वी पर सभी जीवों के जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।










पृथ्वी एक है, जिवन भी एक है।