Swatantrata Diwas 2025: इस साल 15 अगस्त 2025 को शुक्रवार के दिन भारत अपनी आजादी की 79वीं वर्षगाँठ को आज़ादी के अमृत महोत्सव के रूप में बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मना रहा है। स्वाधीनता के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में पिछले दो से साल’ हर घर तिरंगा अभियान‘ चलाया जा रहा है।
स्वतंत्रता दिवस भारत का राष्ट्रीय त्यौहार (अवकाश) है, यह दिन भारतीय इतिहास का ऐसा दिन है जो हर किसी को बखूबी याद रहता है, और सभी भारतीयों के जीवन में ख़ास महत्व रखता है।
दरअसल वर्ष 1947 में 15 अगस्त के दिन ही भारत को अंग्रेजी हुकुमत की 200 सालों से अधिक की गुलामी से आजादी (Freedom) मिली थी, इसीलिए यह दिन प्रत्येक वर्ष स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) के रूप में मनाया जाता है।

इस साल 2025 में आजादी की 79वीं सालगिरह और आजादी के अमृत महोत्सव के खास मौके पर हम आपको आजादी के आखिरी दिनों में क्या कुछ घटित हुआ, जिसके कारण आजादी के लिए ‘15 अगस्त‘ का दिन ही चुना गया उसके बारे में बताने जा रहे हैं।
15 अगस्त की तारीख़ ही आजादी के लिए क्यों चुनी गयी?
ब्रिटिश एडमिनिस्ट्रेटर ने बहुत लंबे समय से भारत को अपने कब्जे में रखा था। लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन को इतना ज्यादा नुकसान हुआ कि उनके सैनिकों के साथ-साथ उनका पैसा भी इस विश्वयुद्ध में डूब चुका था और अब हालात बिगड़ते जा रहे थे।
भारत के लोगों में भी आजादी को लेकर क्रांति ऐसी भड़की हुई थी कि अब वे अंग्रेजों की और प्रताड़ना और गुलामी स्वीकार नहीं करना चाहते थे। इस क्रांति से घबरा कर बहुत से ब्रिटिश अधिकारी भारत छोड़कर अपने देश भाग चुके थे।
दूसरे विश्व युद्ध के नुकसान के बाद उनके पास ना तो इतनी सेना थी और ना ही इतना पैसा था कि वह भारत जैसे विशाल देश पर अपना शासन कायम रख सकें।
जब उन्हें इस बात का अहसास हुआ तो उन्होंने भारत को आजाद करने का फैसला लिया जिसके लिए जून 1948 तक की मोहलत मांगी और लुईस माउंटबेटन को यह काम सौंपा दिया गया।

इस गलती की वजह से हुआ 15 August को देश आज़ाद?
ईस्ट इंडिया कंपनी के आखरी वायसराय ‘Louis Mountbattan‘ को जिम्मेदारी देने के बाद ब्रिटेन के सभी बड़े अधिकारी अपने देश वापस लौट चुके थे और लुईस माउंटबेटन को उस समय तक भारत में रुकना था जब तक वह भारत को आजाद नहीं कराते।
लेकिन लुईस माउंटबेटन जब भारत आए तो उस समय हिंदूओं-मुस्लिमों के बीच दंगे काफी ज्यादा भड़क चुके थे।
रोज कई लोगों का नरसंहार हो रहा था कई लोग बेघर हो रहे थे। और Louis Mountbattan ने इन दंगों पर रोक लगाने की कोशिश की परन्तु वह कुछ ना कर सके और उन्हें भी अपनी जान का खतरा महसूस होने लगा।
ऐसे में जल्दबाजी में आकर माउंटबेटन ने 15 अगस्त को भारत आजाद करने का ऐलान कर दिया लेकिन यह सोचा समझा फैसला नहीं था, क्योकि वह डरे हुए थे और जल्द से जल्द भारत से अपने देश जाना चाहते थे।
अगर ‘फ्रीडम अट मिडनाइट’ किताब की माने तो लुईस माउंटबेटन कहते हैं कि 15 अगस्त तारीख उन्होंने गलती से बोल दी थी।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने 15 अगस्त के दिन को इसलिए चुना क्योंकि 15 अगस्त को जापान पर किए गए परमाणु हमले के बाद उसके आत्मसमर्पण की यह दूसरी सालगिरह थी।
इसके बाद भारत 15 अगस्त 1947 को शुक्रवार के दिन एक स्वतंत्र राष्ट्र घोषित कर दिया गया और भारत को उसकी सभी ताकते सौंप दी गई। यह तब हुआ जब रात को अधिकतर लोग सो रहे थे इसके बाद लाल किले की प्राचीर से पंडित जवाहरलाल नेहरू ने तिरंगा ध्वज फहराया।

2025 में स्वतंत्रता दिवस कैसे मनाया जाएगा?
15 अगस्त के दिन दिल्ली स्थित लाल किले पर देश के प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) सुबह 7:30 बजे ध्वजारोहण करके देशवासियों को संबोधित करते हैं। जिसका लाइव प्रसारण दूरदर्शन के जरिए टेलीविजन पर भी दिखाया जाता है।
इस समारोह में स्कूली बच्चे और एनसीसी के बच्चे भी शामिल होते हैं परंतु पिछली बार कोरोनावायरस के चलते स्कूली बच्चे फोरग्राउंड ग्राउंड में बैठे नहीं दिखाई दिए।
साल 2022 में हमने आजादी की 75वीं वर्षगांठ को आजादी के अमृत उत्सव के रूप में हर घर तिरंगा कार्यक्रम के साथ मनाया।
साल 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा स्वतंत्रता दिवस समारोह में टोक्यो ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले एथलेटिक्स को लाल किले पर ध्वजारोहण कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
तो वहीं साल 2020 में पहली बार अमेरिका के न्यूयॉर्क में टाइम स्क्वायर (Times Square) पर 15 अगस्त के दिन तिरंगा लहरा था।
स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर भाषण (स्पीच)
वैसे तो स्वतंत्रता दिवस के दिन सरकारी अवकाश होता है लेकिन यह अवकाश केवल छुट्टी के रूप में नहीं दिया जाता अगर लोग इसे केवल छुट्टी के रूप में मनाते हैं तो वह शायद सही मायने में स्वतंत्रता दिवस के महत्व को नहीं समझते।
15 अगस्त भारत के लिए सिर्फ एक छुट्टी का दिन नहीं है… बल्कि यह 1 दिन… 200 साल की कड़ी मेहनत और कुर्बानियों का नतीजा है जो भारत ने अपनी गुलामी से आज़ादी (freedom) पाने के लिए गंवा दिए।
जी हां दोस्तों अंग्रेजों ने भारत पर लगभग 200 साल तक शासन किया और कड़ी मशक्कत और कुर्बानियों के बाद भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली।
स्वतंत्रता दिवस का दिन सभी भारतीयों के लिए गर्व का दिन है क्योंकि इस दिन कई लोगों ने अपनी कुर्बानी दी और बहुत से लोगों के शहीद होने के बाद हमें ब्रिटिश हुकूमत से आजादी मिली थी।
लेकिन इस आजादी को पाना इतना आसान नहीं था इसके लिए कई स्वतंत्रता सेनानियों, महिलाओं, जवानों, नेताओं ने अपनी जान न्योछावर किए थे और हिंसा अहिंसा सभी तरह से की नीति अपनाते हुए भारत को आजादी की ओर अग्रसर किया।
फ्रीडम के इस दिन को हमें छुट्टी का दिन समझकर नहीं बल्कि उन शहीदों का दिन समझकर मनाना चाहिए जिन्होंने हमारी स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। आज उन्हें वीर सपूतों के कारण हम गुलामी की जंजीरों से आजाद होकर राहत की सांस ले रहे हैं।
इस दिन अगर हो सके तो आप लाल किले पर जाकर ध्वजारोहण देखे अन्यथा आपको डीडी नेशनल पर इसका लाइव प्रसारण तो अवश्य देखना चाहिए और प्रधानमंत्री के भाषण को भी सुनना चाहिए।
आज़ादी दिवस के इस ख़ास मौके पर आपको इनके बारे में भी पढ़ना चाहिए:
स्वतंत्रता दिवस का मतलब क्या होता है?
किसी भी देश के लिए स्वतंत्रता दिवस या इंडिपेंडेंस डे (जिसे आज़ादी का दिन भी कहते है) वह दिन होता है जब उसे किसी की गुलामी से आजादी मिली थी। भारत ही नहीं बहुत से और भी देश हैं जो ब्रिटिश शासन एवं अन्य देशों के गुलाम रहे है, और कई कुर्बानियों के बाद उन्हें आजादी मिली है जिसे वह स्वतंत्रता दिवस या Independence Day के नाम से मनाते हैं।
स्वतंत्रता दिवस या Independence Day का मतलब होता है ‘आजादी का दिन‘।
भारत के राष्ट्रीय पर्वों में से स्वतंत्रता दिवस का अपना अलग ही महत्व है भारत के स्कूलों में 1 दिन पहले स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है, और रंगारंग कार्यक्रम भी किए जाते है। वहीं सभी सरकारी संस्थानों को 15 अगस्त वाले दिन तिरंगे के रंग में रोशन किया जाता है।
● शहीद दिवस
● नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का योगदान
● 26 जनवरी को पहला गणतंत्र दिवस क्यों और कैसे मनाया गया?
इस दिन उन सभी शहीदों को याद किया जाता है और उन्हें नमन किया जाता है जिन्होंने भारत माता को आजाद कराने के लिए अपनी जान न्योछावर कर दिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
बहुत लंबे इंतजार के बाद भारत को अंग्रेजी हुकूमत से आजादी मिली इस आजादी का महत्त्व अनमोल है भारत के हर नागरिक को इस दिन पर गर्व होना चाहिए।
आप सभी को HaxiTrick.Com की तरफ से स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। हैप्पी इंडिपेंडेंस डे