Indian Coast Guard Raising Day 2026: भारतीय तटरक्षक बल स्थापना दिवस पर जानिए इंडियन कोस्ट गार्ड के बारे में पूरी जानकारी

भारत की सुरक्षा सिर्फ सीमाओं पर खड़े सैनिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि समुद्र की लहरों के बीच भी कुछ ऐसे जांबाज होते हैं जो हर पल देश और नागरिकों की रक्षा में लगे रहते हैं। भारतीय तटरक्षक दिवस 2026 हमें उन अनदेखे नायकों की याद दिलाता है, जिन्होंने पिछले 50 वर्षों में हजारों जिंदगियों…




Indian Coast Guard Raising Day 2026: भारत एक विशाल समुद्री देश है, जिसकी तटरेखा लगभग 7,500 किलोमीटर से भी अधिक लंबी है। तीनों ओर समुद्र से घिरे इस देश के लिए समुद्री सुरक्षा उतनी ही अहम है जितनी थल और वायु सुरक्षा। इसी समुद्री सुरक्षा की रीढ़ है भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard – ICG)। हर साल 1 फरवरी को मनाया जाने वाला भारतीय तटरक्षक दिवस इसी बल के साहस, समर्पण और निस्वार्थ सेवा को सम्मान देने का अवसर होता है।

भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard Information in Hindi)
भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard Information in Hindi)

भारतीय तटरक्षक दिवस 2026 इस लिहाज से और भी खास है क्योंकि वर्ष 2026 में इंडियन कोस्ट गार्ड अपनी स्थापना के 50 वर्ष (स्वर्ण जयंती) पूरे कर रहा है। यह दिन न सिर्फ एक औपचारिक आयोजन है, बल्कि देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में लगे हजारों जांबाजों को याद करने का अवसर भी है।


भारतीय तटरक्षक बल स्थापना दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

भारतीय तटरक्षक दिवस हर वर्ष 1 फरवरी को मनाया जाता है। इस दिन का चयन इसलिए किया गया क्योंकि 1 फरवरी 1977 को भारतीय तटरक्षक बल की स्थापना एक अंतरिम संगठन के रूप में की गई थी। हालाँकि बाद में 18/19 अगस्त 1978 को भारतीय संसद द्वारा पारित तटरक्षक अधिनियम, 1978 के तहत इसे एक स्वतंत्र सशस्त्र बल का दर्जा दिया गया।

इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य भारतीय तटरक्षक बल की उपलब्धियों, बलिदानों और देश की समुद्री सुरक्षा में उसके योगदान को याद करना और सम्मान देना है। भारतीय तटरक्षक दिवस हमें यह याद दिलाता है कि देश की सुरक्षा केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि समुद्र में भी उतनी ही सतर्कता की आवश्यकता है।

यह दिन युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता है और समाज को यह समझाता है कि शांत दिखने वाला समुद्र भी कितनी चुनौतियाँ अपने भीतर समेटे रहता है।


भारतीय तटरक्षक बल की स्थापना का इतिहास: समुद्री सुरक्षा की मजबूत नींव

1960 के दशक में भारत को समुद्री तस्करी, अवैध व्यापार और विदेशी घुसपैठ जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। उस समय भारतीय नौसेना और सीमा शुल्क विभाग इन चुनौतियों से निपट रहे थे, लेकिन एक विशेष समुद्री सुरक्षा बल की आवश्यकता स्पष्ट रूप से महसूस की जाने लगी।

इसी जरूरत को देखते हुए 1971 में नागचौधरी समिति और बाद में 1974 में रुस्तमजी समिति का गठन किया गया। इन समितियों ने सिफारिश की कि भारत को एक समर्पित तटीय सुरक्षा बल की आवश्यकता है।

इन सिफारिशों के आधार पर

  • 1 फरवरी 1977 को रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत एक अंतरिम तटरक्षक संगठन बनाया गया
  • और 1978 में तटरक्षक अधिनियम लागू कर इसे एक स्वतंत्र सशस्त्र बल का दर्जा दिया गया

शुरुआत में इंडियन कोस्ट गार्ड को भारतीय नौसेना से कुछ जहाज दिए गए, लेकिन समय के साथ यह बल आत्मनिर्भर और अत्याधुनिक होता चला गया।


भारतीय तटरक्षक बल की भूमिका का विस्तार

शुरुआत में भारतीय तटरक्षक बल का मुख्य उद्देश्य समुद्री तस्करी को रोकना था, लेकिन धीरे-धीरे इसकी जिम्मेदारियाँ और भी व्यापक होती चली गईं। आज यह बल केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कई अहम क्षेत्रों में राष्ट्र की सेवा कर रहा है।

समय के साथ भारतीय तटरक्षक बल ने:

  • समुद्री कानूनों को लागू करने
  • समुद्र में फंसे नागरिकों का बचाव
  • तेल रिसाव और समुद्री प्रदूषण को नियंत्रित करने
  • प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्य
  • अवैध मछली पकड़ने और मानव तस्करी को रोकने

जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।


भारतीय तटरक्षक बल के प्रमुख अभियान और उपलब्धियाँ

भारतीय तटरक्षक बल की दक्षता और साहस का सबसे प्रसिद्ध उदाहरण 1999 का ‘एमवी अलॉन्ड्रा रेनबो’ अभियान है, जब इस जहाज को समुद्री डाकुओं से छुड़ाया गया। यह ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया और इससे भारत की समुद्री सुरक्षा क्षमता को नई पहचान मिली।

इसके अलावा 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद भारतीय तटरक्षक बल की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई। इसके बाद समुद्री निगरानी तंत्र को और मजबूत किया गया, आधुनिक रडार, तेज़ गश्ती जहाज़ और उन्नत विमान तैनात किए गए, ताकि भविष्य में किसी भी खतरे को समय रहते रोका जा सके।


भारतीय तटरक्षक बल के मुख्य उद्देश्य

इंडियन कोस्ट गार्ड का मुख्य उद्देश्य भारत के समुद्री हितों की रक्षा करना है। यह बल:

  • भारतीय तटों और समुद्री सीमाओं की सुरक्षा करता है
  • समुद्री तस्करी, मानव तस्करी और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाता है
  • मछली पकड़ने से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करता है
  • समुद्र में आपातकालीन स्थिति में लोगों की जान बचाता है
  • समुद्री प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद करता है

अब तक इंडियन कोस्ट गार्ड लगभग 12,000 लोगों की जान बचा चुका है, यानी औसतन हर दूसरे दिन एक जीवन की रक्षा।


इंडियन कोस्ट गार्ड के क्षेत्रीय मुख्यालय

भारतीय तटरक्षक बल के देशभर में पाँच क्षेत्रीय मुख्यालय हैं, जो अलग-अलग समुद्री क्षेत्रों की निगरानी करते हैं। ये मुख्यालय हैं –मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, गोवा और गांधीनगर। इन मुख्यालयों के माध्यम से पूरे भारतीय समुद्री क्षेत्र में त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी नियंत्रण संभव हो पाता है।


भारतीय तटरक्षक दिवस 2026 केवल एक तारीख नहीं, बल्कि भारत की समुद्री शक्ति, सुरक्षा और समर्पण का प्रतीक है।
पिछले 50 वर्षों में इंडियन कोस्ट गार्ड ने यह साबित किया है कि वह न केवल देश की समुद्री सीमाओं का रक्षक है, बल्कि हर उस नागरिक का सहारा भी है जो समुद्र में संकट में फँस जाता है।

आने वाले वर्षों में आधुनिक तकनीक, मजबूत ढाँचे और प्रशिक्षित कर्मियों के साथ भारतीय तटरक्षक बल भारत की समुद्री सुरक्षा को और अधिक सशक्त बनाएगा।


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