Girl Child Day 2026: अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस की थीम और इतिहास

Girl Child Day 2026: जहाँ भारत में 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है तो वहीँ विश्व स्तर पर 11 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस होता है।



इंटरनेशनल गर्ल चाइल्ड डे 2026: विश्व स्तर पर हर साल 11 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस (International Day of Girl Child) मनाया जाता है, 2026 में, हम इसकी 14वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं। हालांकि भारत में 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day) के रूप में मनाया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस - 11 अक्टूबर
अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस – 11 अक्टूबर

विश्व में बढ़ते महिलाओं के प्रति अत्याचारों और असमानताओं जैसे भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, बाल विवाह एवं अशिक्षा को देखते हुए और उन्हें इन सभी समस्याओं से उबारने के लिए तथा उनके संरक्षण के उद्देश्य से ही हर साल बालिका दिवस (Girl Child Day) या कन्या दिवस मनाया जाता है।

इंटरनेशनल डे ऑफ़ गर्ल चाइल्ड के बारे में जानकारी:
नाम:अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस (International Day of Girl Child)
शुरूआत:दिसम्बर 2011 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा
तिथि:11 अक्टूबर (वार्षिक)
पहली बार:11 अक्टूबर 2012
उद्देश्य:दुनिया भर में लड़कियों को लिंग के आधार पर लैंगिक असमानता के बारे में जागरूक करना।
थीम:एंड चाइल्ड मैरिज एंड इवेस्ट इन गर्ल्स राइट्स
हैशटैग:#IDG2026 #DayoftheGirl

 

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का इतिहास (History)

प्रतिवर्ष 11 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत, 19 दिसंबर, 2011 को, संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा लड़कियों के अधिकारों और दुनिया भर में लड़कियों के सामने आने वाली अनूठी चुनौतियों को पहचानने के मकसद से संकल्प 66/170 को अपनाकर की गयी थी। जिसे कनाडा द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में औपचारिक तौर पर प्रस्तावित किया गया था।

इसके बाद 11 अक्टूबर 2012 को आधिकारिक तौर पर पहला इंटरनेशनल गर्ल चाइल्ड डे मनाया गया, और वर्ष 2013 तक, दुनिया भर में, लड़कियों के इस दिन के लिए लगभग 2,043 कार्यक्रम हुए।


बालिका दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
बालिका दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

 

कहाँ से आया यह दिवस मनाने का विचार?

विश्व स्तर पर बालिका दिवस का विचार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संचालित होने वाली एक गैर-सरकारी संगठन, प्लान इंटरनेशनल के एक प्रोजेक्ट से आया और यह “क्योंकि मैं एक लड़की हूँ” (Because I Am a Girl) अभियान से विकसित हुआ, जो विश्व स्तर पर और विशेष रूप से विकासशील देशों में लड़कियों के पोषण के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाता है।

कनाडा में इस प्रोजेक्ट के प्रतिनिधियों ने इस पहल के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए समर्थकों की तलाश के लिए कनाडा के संघीय सरकार से संपर्क किया, और आखिरकार प्लान इंटरनेशनल संयुक्त राष्ट्र में शामिल हो गया।

कनाडा की महिलाओं की स्थिति के मंत्री रोना एम्ब्रोस ने प्रस्ताव को प्रायोजित किया और महिलाओं व लड़कियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने 55वें संयुक्त राष्ट्र आयोग में महिलाओं की स्थिति पर पहल के समर्थन में प्रस्तुतियाँ दीं।

19 दिसंबर, 2011 को, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाने के लिए एक मतदान किया गया जिसके बाद इस प्रस्ताव को पारित कर दिया गया।



गर्ल चाइल्ड डे क्यों मनाते है? (उद्देश्य)

  • लड़कियों को समान रूप से अधिकार देना तथा लड़कों के बराबर समानता देना।
  • बालिकाओं को शिक्षित करना तथा कौशल विकास, प्रशिक्षण और शिक्षा में सभी प्रकार के भेदभाव को खत्म करना।
  • दहेज प्रथा, बाल विवाह एवं भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों को खत्म करना।
  • लड़कियों के लिए नकारात्मक सांस्कृतिक दृष्टिकोण को समाप्त करना।
  • लड़कियों की सभी क्षेत्र में रक्षा करना।
  • स्वास्थ्य और पोषण में लड़कियों के साथ भेदभाव को खत्म करना।
  • समाज में लड़कियों की स्थिति को उबारना।
  • बच्चियों के साथ बाल श्रम के आर्थिक शोषण को खत्म करना।
  • बालिकाओं के खिलाफ हिंसा को खत्म करना।
  • सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक जीवन में लड़कियों को जागरूकता करना और भागीदारी को बढ़ावा देना।

 

अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस 2026 की थीम क्या है?

प्रत्येक वर्ष अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस को एक विषय के साथ मनाया जाता है, और यह थीम महिलाओं एवं बालिकाओं से जुड़ी होती है और उन्हें सशक्त बनाने का काम करती है। संयुक्त राष्ट्र (UN) और यूनिसेफ (UNICEF) के अनुसार इस साल अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस 2026 की थीम ‘बाल विवाह समाप्त करें और लड़कियों के अधिकारों में निवेश करें‘ (End child marriage and invest in girls’ rights) है।

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 2025 की थीम “मैं जैसी लड़की हूं, मैं जिस बदलाव का नेतृत्व करती हूं” (The girl I am, the change I lead: Girls on the frontlines of crisis.) थी, और 2024 में इसे ‘भविष्य के लिए लड़कियों का दृष्टिकोण‘ (Girls’ vision for the future) विषय के साथ मनाया गया था।


इंटरनेशनल गर्ल चाइल्ड डे की पिछले कुछ सालों की थीमें:
YearThemeEnglish
2023लड़कियों के अधिकारों में निवेश करें: हमारा नेतृत्व, हमारा कल्याणInvest in Girls’ Rights: Our Leadership, Our Well-being
2022अब हमारा समय है- हमारे अधिकार, हमारा भविष्यOur time is now—our rights, our future
2021डिजिटल पीढ़ी हमारी पीढ़ीMy voice, our equal future
2020मेरी आवाज, हमारा समान भविष्यDigital generation. Our generation
2019गर्लफॉर्स: अनस्क्रिप्टेड एंड अनस्टॉपेबलGirlForce: Unscripted and Unstoppable
2018उसके साथ: एक कुशल लड़की बलWith Her: A Skilled Girl Force
2017एमपॉवर गर्ल्स: बिफोर, क्रेश के दौरान और उसके बादEmPOWER Girls: Before, during and after crises
2016लड़कियों की प्रगति = लक्ष्यों की प्रगति: लड़कियों के लिए क्या मायने रखता हैGirls’ Progress = Goals’ Progress: What Counts for Girls
2015किशोरियों की शक्ति: 2030 के लिए विजनThe Power of Adolescent Girl: Vision for 2030
2014किशोर लड़कियों को सशक्त बनाना: हिंसा के चक्र को समाप्त करनाEmpowering Adolescent Girls: Ending the Cycle of Violence,
2013लड़कियों की शिक्षा के लिए नवाचारinnovating for girls’ education
2012बाल विवाह को समाप्त करनाending child marriage

 

भारत में राष्ट्रीय बालिका दिवस (24 जनवरी)

भारत में हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day) मनाया जाता है इसकी शुरूआत भारत की महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा वर्ष 2008 में की गयी थी।

24 जनवरी की तारीख को इसलिए चुना गया क्योंकि 1966 में इसी दिन इंदिरा गाँधी जी ने देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। इस दिन आयरन लेडी कही जाने वाली इंदिरा गांधी को नारी शक्ति के तौर पर याद किया जाता है।

नेशनल गर्ल चाइल्ड डे का उद्देश्य समाज में लड़कियों की स्थिति को उबारना है, ताकि समाज के लोगों के बीच उनका जीवन बेहतर हो सके।


World Girl Child Day कैसे मनाया जाता है?

अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर यूनिसेफ लड़कियों के साथ काम करता है ताकि वे अपनी आवाज़ बुलंद कर सकें और अपने अधिकारों के लिए खड़ी हो सकें।

बालिकाओं के लिए मनाया जाने वाला यह अंतर्राष्ट्रीय दिवस संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित एक अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षण दिवस है; इसे लड़कियों का दिन (Day Of Girls) या लड़की का अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day of Girls) भी कहा जा सकता है।

इस दिन कई कार्यक्रम और भाषणों का आयोजन भी किया जाता है जिसमें समाज में लड़कियों की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाती है, विभिन्न राजनीतिक और सामुदायिक नेता समान शिक्षा और बुनियादी स्वतंत्रता के लिए लड़कियों के अधिकार के बारे में जनता को भाषण देते हैं।

जिसमें बालिकाओं को बचाने के लिए जागरूकता अभियान, बाल लिंग अनुपात (Girl Sex Ratio) और बालिकाओं के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण तैयार करना शामिल है।

 

 


Sandeep Kumar

संदीप, HindiGyanStudio.Com के प्रमुख लेखक हैं, वे अक्सर इस पर महत्वपूर्ण दिवसों, जयंती, त्योहारों और अन्य जरुरी विषयों पर जानकारी अपडेट करते हैं। उनके पास कंटेंट लेखन में 5 सालों से अधिक का अनुभव है, वे इससे पहले कई वेबसाइट्स पर आर्टिकल लिखते रहे है।