March 2026 Vivah Muhurat: इस महीने लगने जा रहा है खरमास, उससे पहले जानिए मार्च में विवाह के शुभ मुहूर्त

मार्च 2026 में शादी की तैयारी कर रहे हैं? तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है! क्योंकि 15 मार्च से लगने जा रहा है खरमास, जिसके बाद पूरे एक महीने तक शादी-ब्याह जैसे मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। उससे पहले मार्च में सिर्फ 8 दिन ऐसे हैं, जिन्हें विवाह के लिए बेहद शुभ…



March 2026 Vivah Muhurat: हिंदू संस्कृति में विवाह केवल एक सामाजिक अनुबंध नहीं, बल्कि एक पवित्र संस्कार है। इसे सोलह संस्कारों में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि विवाह दो आत्माओं का मिलन है, जिसमें केवल वर-वधू ही नहीं बल्कि दो परिवार भी जुड़ते हैं। इसलिए शादी जैसे मांगलिक कार्य के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा जाता है।

March Vivah Muhurat: मार्च 2026 में विवाह के शुभ मुहूर्त कौन से हैं? (Kharmas Date)
March Vivah Muhurat: मार्च 2026 में विवाह के शुभ मुहूर्त कौन से हैं? (Kharmas Date)

मार्च 2026 का महीना उन लोगों के लिए खास रहने वाला है जो शादी की योजना बना रहे हैं, क्योंकि इस महीने में कुल आठ शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं। हालांकि, इन शुभ तिथियों के बाद खरमास की शुरुआत हो जाएगी, जिसके दौरान विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। ऐसे में अगर आप मार्च में शादी की सोच रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है।

मार्च 2026 में विवाह के शुभ मुहूर्त कौन से हैं?

हिंदू पंचांग के अनुसार मार्च 2026 में ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कुछ दिनों तक विवाह के लिए अनुकूल रहेगी। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक जब तिथि, वार, नक्षत्र और योग का संतुलन शुभ होता है, तब दांपत्य जीवन में सुख, समृद्धि और स्थिरता की संभावना बढ़ती है।

मार्च 2026 में विवाह के लिए जो प्रमुख शुभ तिथियां बताई गई हैं, वे इस प्रकार हैं —
2 मार्च (सोमवार),
3 मार्च (मंगलवार),
4 मार्च (बुधवार),
7 मार्च (शनिवार),
8 मार्च (रविवार),
9 मार्च (सोमवार),
11 मार्च (बुधवार) और
12 मार्च (गुरुवार)।

इन आठ दिनों में विवाह संस्कार संपन्न करना शुभ फलदायी माना गया है। ज्योतिषीय दृष्टि से इन तिथियों पर ग्रहों की स्थिति वैवाहिक जीवन में प्रेम, सामंजस्य और सकारात्मक ऊर्जा का संकेत देती है।

हालांकि, केवल तारीख देखना ही पर्याप्त नहीं होता। विवाह की अंतिम तिथि तय करने से पहले वर-वधू की कुंडली मिलान, ग्रह दशा और परिवार की परंपराओं को भी ध्यान में रखना आवश्यक होता है। इसलिए किसी योग्य पंडित या ज्योतिषाचार्य से परामर्श करना बेहतर रहेगा।


विवाह में मुहूर्त का महत्व क्यों है?

अक्सर लोग सोचते हैं कि क्या सच में मुहूर्त का इतना महत्व होता है? हिंदू धर्म में मुहूर्त केवल एक तारीख नहीं, बल्कि आकाशीय शक्तियों के संतुलन का प्रतीक माना जाता है।

शास्त्रों के अनुसार जब सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रह शुभ स्थिति में होते हैं, तब उस समय किए गए कार्यों के परिणाम सकारात्मक माने जाते हैं। विवाह एक दीर्घकालिक संबंध है, इसलिए इसकी शुरुआत शुभ समय में करना मंगलकारी समझा जाता है।

ज्योतिष मान्यता के अनुसार, सही मुहूर्त में विवाह होने से दांपत्य जीवन में अनावश्यक कलह कम होती है और आपसी समझ बेहतर रहती है। हालांकि आधुनिक जीवनशैली में कई लोग इन बातों को व्यक्तिगत आस्था से जोड़कर देखते हैं, फिर भी भारतीय समाज में शुभ मुहूर्त की परंपरा आज भी मजबूत है।


कब से लग रहा है खरमास 2026?

अब बात करते हैं उस महत्वपूर्ण अवधि की, जिसके कारण मार्च के बाद विवाह पर विराम लग जाएगा। द्रिक पंचांग के अनुसार 15 मार्च 2026 को दोपहर 1 बजकर 8 मिनट पर सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के इस गोचर के साथ ही खरमास की शुरुआत हो जाएगी।

जब सूर्य मीन राशि में रहते हैं, तब यह समय खरमास कहलाता है। यह अवधि लगभग एक महीने तक चलती है और 14 अप्रैल 2026 को सुबह 9 बजकर 38 मिनट पर सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ समाप्त होगी।

खरमास का संबंध सूर्य के राशि परिवर्तन से जुड़ा है। धार्मिक मान्यता है कि इस समय मांगलिक कार्य जैसे विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन या नए व्यवसाय की शुरुआत नहीं करनी चाहिए।


खरमास में किन बातों का रखें ध्यान?

खरमास को हिंदू धर्म में अशुभ काल माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान शुभ कार्यों से परहेज करना चाहिए। विवाह और सगाई के अलावा गृह प्रवेश, जमीन खरीदना, नए कारोबार की शुरुआत और अन्य मांगलिक कार्य भी टाल दिए जाते हैं।

हालांकि यह समय पूजा-पाठ, जप-तप, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम माना जाता है। कई लोग इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान और भगवान की आराधना में समय लगाते हैं।

यह भी ध्यान देने योग्य है कि खरमास साल में दो बार आता है — एक बार मार्च-अप्रैल के आसपास और दूसरी बार नवंबर-दिसंबर में। यह सूर्य के धनु या मीन राशि में गोचर के दौरान पड़ता है।


शादी की प्लानिंग कर रहे हैं? ये बात जरूर जानें

अगर आपके घर में 2026 में शादी की तैयारी चल रही है, तो मार्च का पहला पखवाड़ा आपके लिए सुनहरा मौका हो सकता है। 12 मार्च तक उपलब्ध शुभ मुहूर्तों में से किसी दिन को चुनकर विवाह की योजना बनाई जा सकती है।

आजकल वेडिंग वेन्यू, कैटरिंग और अन्य व्यवस्थाएं पहले से बुक करनी पड़ती हैं। ऐसे में शुभ तिथियों की जानकारी समय रहते मिल जाए तो तैयारियां आसान हो जाती हैं। साथ ही, कुंडली मिलान और पारिवारिक सहमति के बाद ही अंतिम निर्णय लें।


मार्च 2026 में कुल आठ शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं, जो 2 मार्च से 12 मार्च के बीच पड़ते हैं। इसके बाद 15 मार्च से खरमास शुरू हो जाएगा, जिसके चलते लगभग एक महीने तक विवाह जैसे मांगलिक कार्य स्थगित रहेंगे।

अगर आप या आपके परिवार में किसी की शादी की योजना है, तो इन तिथियों को ध्यान में रखते हुए समय रहते निर्णय लें। याद रखें, विवाह जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है और इसकी शुरुआत शुभ समय में करना भारतीय परंपरा का अहम हिस्सा रहा है।


डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी सामान्य धार्मिक मान्यताओं, पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी निर्णय से पहले योग्य ज्योतिषाचार्य या पंडित से परामर्श अवश्य करें।


Sandeep Kumar

संदीप, HindiGyanStudio.Com के प्रमुख लेखक हैं, वे अक्सर इस पर महत्वपूर्ण दिवसों, जयंती, त्योहारों और अन्य जरुरी विषयों पर जानकारी अपडेट करते हैं। उनके पास कंटेंट लेखन में 5 सालों से अधिक का अनुभव है, वे इससे पहले कई वेबसाइट्स पर आर्टिकल लिखते रहे है।

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