World Kidney Day 2026: विश्व किडनी दिवस की थीम, इतिहास और उद्देश्य

किडनी सम्बंधित रोगों से लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर वर्ष मार्च महीने के दुसरे गुरूवार को विश्व किडनी दिवस (World Kidney Day) मनाया जाता है।



Vishwa Kidney Diwas: इस साल 2026 में 12 मार्च को विश्व गुर्दा दिवस या विश्व किडनी दिवस (World Kidney Day) की 21वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। वर्ल्ड किडनी डे प्रतिवर्ष मार्च के दूसरें गुरुवार को मनाया जाता है, जिसका मकसद गुर्दे के महत्व को समझाना और रोगों से इसकी देखभाल के बारे में जागरूकता फैलाना है।

किडनी जिसे हिंदी में ‘गुर्दा या वृक्क‘ कहा जाता है मनुष्य और सभी जीव-जंतुओं के शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जिसका काम रक्त शुद्धि कर मूत्र उत्पादन करना होता है। यह शरीर में प्राकृतिक रक्त शोधक के रूप में कार्य करते हुए, अपशिष्ट पदार्थों को हटाते हैं, और इसे ‘मूत्राशय‘ में ट्रान्सफर कर दिया जाता है।

विश्व किडनी दिवस 2026
विश्व किडनी दिवस – 12 मार्च 2026

वर्ल्ड किडनी डे के बारें में
नाम:विश्व गुर्दा दिवस
कब:मार्च महीने के दुसरे बृहस्पतिवार
तिथि:12 मार्च 2026
अगली बार:11 मार्च 2027
शुरूआत:वर्ष 2006 में
उद्देश्य:किडनी की देखभाल और इससे सम्बंधित रोगों से लोगों को जागरूक करना
विषय (2026):सभी के लिए किडनी स्वास्थ्य: लोगों की देखभाल, धरती की सुरक्षा।
कैंपेन (अभियान):किडनी हेल्थ फॉर ऑल

 

विश्व किडनी दिवस की शुरूआत कैसे हुई? (इतिहास)

प्रत्येक वर्ष मार्च महीने के दुसरे गुरूवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व गुर्दा दिवस मनाए जाने की शुरूआत वर्ष 2006 में गुर्दे संबंधी बीमारियों के बढ़ते आंकड़े को देखते हुए इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ नेफ्रोलॉजी (ISN) एवं इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ किडनी फाउंडेशन (IFKF) की एक संयुक्त पहल के बाद हुई।

ISN और IFKF यह दोनों ही गैरलाभकारी संगठन व महासंघ है, जो दुनिया के विभिन्न देशों में गुर्दे रोग के निदान, उपचार एवं रोकथाम के लिए समर्पित है।

2006 में जब विश्व किडनी दिवस की शुरुआत हुई तो, 66 देशों द्वारा इसे मनाया गया। लेकिन दो सालों में ही, यह संख्या बढ़कर 88 हो गई और आज इसे दुनियाभर के लगभग 150 से ज्यादा देश मनाते है। तथा यह किडनी रोगों के सम्बन्ध में जागरूकता बढाने का सफल प्रयास साबित हुआ है।


World Kidney Day
World Kidney Day

विश्व गुर्दा दिवस क्यों मनाते है? (उद्देश्य)

विश्व किडनी दिवस गुर्दे के महत्व और इससे संबंधी बीमारियों की बढ़ती समस्या को दर्शाता एक वैश्विक अभियान है इसकी शुरुआत व्यक्ति के समूचे स्वास्थ्य के लिए गुर्दे की सेहत पर ध्यान केंद्रित करने और इससे संबंधित रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से की गई थी।


इसके अलावा विश्व गुर्दा दिवस का उद्देश्य है:

  • गुर्दे संबंधित बीमारियों और इससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का निदान करना,
  • किडनी रोगों का पता लगाने के लिए जांच को प्रोत्साहन देना,
  • बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्वस्थ गुर्दे के महत्व बारे में जागरूकता बढ़ाना,
  • गुर्दा दान करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना ताकि इसका ट्रांसप्लांट कर पीड़ित की जान बचाई जा सके,
  • स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना ताकि किडनी रोगों को नियंत्रित या इसकी प्रगति को धीमा किया जा सके।

 

 

विश्व किडनी दिवस 2026 की थीम (Theme)

इस साल 12 मार्च को मनाए जाने वाले विश्व किडनी दिवस 2026 की थीम “सभी के लिए किडनी स्वास्थ्य: लोगों की देखभाल, धरती की सुरक्षा।” (Kidney health for all: Caring for people, protecting the planet) है। यह विषय किडनी की देखभाल और पर्यावरण संरक्षण के बीच गहरे संबंध को दर्शाता है, जिसका प्रभाव पूरी दुनिया के लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है।

पिछली साल 2025 में की थीम क्या आपकी किडनी ठीक है? जल्दी पहचानें, किडनी स्वास्थ्य की रक्षा करें (Are Your Kidneys OK? Detect Early, Protect Kidney Health) थी। और 2024 का विषय “देखभाल और इष्टतम चिकित्सा पद्धति तक न्यायसंगत पहुंच को आगे बढ़ाना” (Advancing Equitable Access to Care and Optimal Medication Practice) था।

साल 2023 की थीम “अनापेक्षित के लिए तैयारी, कमजोरों का समर्थन” (Preparing for the unexpected, supporting the vulnerable) थी और 2022 का विषय ‘किडनी की बेहतर देखभाल के लिए ज्ञान की खाई को पाटना‘ (Bridge the knowledge gap to better kidney care) पर आधारित था।


बीते वर्षों के विषय

  • 2023: सभी के लिए किडनी स्वास्थ्य – अनापेक्षित के लिए तैयारी, कमजोरों का समर्थन करना
  • 2022: किडनी की बेहतर देखभाल के लिए ज्ञान की खाई को पाटना
  • 2021: किडनी रोग के साथ अच्छी तरह से रहना
  • 2020: हर जगह हर किसी के लिए किडनी स्वास्थ्य – रोकथाम से लेकर जांच और देखभाल तक समान पहुंच
  • 2019: सभी के लिए किडनी का स्वास्थ्य, हर जगह
  • 2018: किडनी और महिला स्वास्थ्य शामिल करें, मूल्य, अधिकार
  • 2017: गुर्दे की बीमारी और मोटापा – स्वस्थ गुर्दे के लिए स्वस्थ जीवन शैली
  • 2016: किडनी रोग और बच्चे – इसे रोकने के लिए जल्दी अधिनियम!
  • 2015: सभी के लिए किडनी स्वास्थ्य
  • 2014: क्रोनिक किडनी रोग (CKD) और उम्र बढ़ने
  • 2013: किडनी फॉर लाइफ – स्टॉप किडनी अटैक!
  • 2012: दान – जीवन के लिए गुर्दे – प्राप्त करें
  • 2011: अपनी किडनी की रक्षा करें: अपने दिल को बचाएं
  • 2010: अपनी किडनी को सुरक्षित रखें: मधुमेह को नियंत्रित करें
  • 2009: अपनी किडनी को सुरक्षित रखें: अपना दबाव कम रखें
  • 2008: आपकी अद्भुत किडनी!
  • 2007: सीकेडी: आम, हानिकारक और उपचार योग्य
  • 2006: क्या आपकी किडनी ठीक है?

 

वर्ल्ड किडनी डे कैसे मनाते है? (कार्यक्रम)

विश्व किडनी दिवस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुर्दा स्वास्थ्य संबंधित जागरूकता फैलाने के लिए दुनिया भर के 150 देशों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करते हुए मनाया जाता है, इसके अलावा ISN और IFKF दुनिया भर के विभिन्न देशों में गुर्दा स्वास्थ्य हितकारकों, पेशेवरों अथवा ऐसे व्यक्तियों के साथ मिलकर सभाओं का आयोजन करते हैं जो बदलाव लाना चाहते हैं।

इसके अलावा निम्नलिखित गतिविधियों भी इसमें शामिल की जा सकती है:

  • गुर्दे संबंधित बीमारियों की जांच के लिए निशुल्क कैंप लगाना
  • पैदल दौड़ या साइकिलिंग प्रतियोगिता का आयोजन
  • व्याख्यान, संगोष्ठी या सार्वजनिक वार्तालाप का आयोजन
  • इस रोग से पीड़ित लोगों के उपचार के लिए धन संग्रहण कार्यक्रम
  • सरकारों, नेताओं और संबंधित संस्थाओं के साथ बैठक करना आदि

 

 

गुर्दे रोगों से संबंधित कुछ फैक्ट्स और आंकड़े बताइए?

  • गुर्दा के जरूरतमंद मरीजों और ट्रांसप्लांट कराने वाले मरीजों में बड़ा अंतर है एक रिपोर्ट के मुताबिक दो लाख लोगों को किडनी की जरूरत है, लेकिन इनमें से केवल 7-8 हज़ार लोगों का ही किडनी ट्रांसप्लांट हो पाता है।

  • दुनिया भर में तकरीबन 85 करोड़ लोग अलग-अलग कारणों से किडनी संबंधी रोगों से जूझ रहे हैं।

  • हर साल क्रोनिक किडनी रोग से करीबन 2.4 मिलियन लोगों की मौत हो जाती है यह मौत का छठा सबसे तेजी से बढ़ता कारक है। भारत में 10 में से 1 का क्रॉनिक किडनी डिजीज से पीड़ित होने का अनुमान है।

  • 2040 तक यह मृत्यु का 5वां प्रमुख कारण होने का अनुमान है।

  • नारायणहेल्थ के मुताबिक भारत में हर साल गुर्दे की विफलता (stage V CKD) के लगभग 175000 नए मामले आते हैं जिनमें डायलिसिस की काफी सख्त जरूरत होती है।

  • GBD 2015 के अध्ययन में यह भी अनुमान लगाया गया है कि, 2015 में, 1.2 मिलियन लोगों की किडनी की विफलता से मृत्यु हो गई।

 

गुर्दे की देखभाल और उपचार कैसे करें?

गुर्दे सम्बन्धी बीमारीयों में या इसके ख़राब हो जाने पर ट्रांसप्लांट एक बहुत महंगा इलाज माना जाता है, साथ ही डायलिसिस बैक की कमी के चलते भी कई मरीजों को इस बीमारी का पर्याप्त उपचार नहीं मिल पाता है। ऐसे में बढ़िया खान-पान, बेहतर जीवन शैली और सही समय पर इसका उपचार इसकी बिमारी को रोकने में मददगार हो सकता है।

  • स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं, व्यायाम करे।
  • रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पियें।
  • शराब, अल्कोहल और धूम्रपान के सेवन से बचे।
  • Packaged Food और तले हुए भोजन से परहेज़ करें।
  • किडनी की नियमित समयावधि पर जांच कराएं।
  • मधुमेह और उच्च रक्तचाप क्रोनिक किडनी रोग के प्रमुख कारक हैं इनसे बचें।

 

आपको भी स्वस्थ दिनचर्या अपना कर अपने गुर्दे (वृक्कों) की देखभाल करनी चाहिए, और अन्य लोगों को भी इसे लेकर जागरूक करने का प्रयास करना चाहिए।