Police Commemoration Day 2026: 21 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस? जानें इतिहास एवं महत्व

क्या आप जानते हैं कि हर साल 21 अक्टूबर को ही पुलिस स्मृति दिवस क्यों मनाया जाता है? इसके पीछे लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में 1959 में हुई एक ऐसी घटना है, जिसमें 10 वीर जवान शहीद हो गए थे। जानिए Police Commemoration Day 2026 का इतिहास, महत्व और उन बहादुर जवानों की शहादत की…



भारत में पुलिस स्मृति दिवस (Police Commemoration Day) हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन उन वीर पुलिसकर्मियों के साहस, समर्पण और बलिदान को याद करने का अवसर है, जिन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। इस दिन देशभर में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है और उनके योगदान को सम्मान के साथ याद किया जाता है।

Police Commemoration Day 2026 पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि और पुलिस स्मृति दिवस का महत्व
Police Commemoration Day 2026 पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि और पुलिस स्मृति दिवस का महत्व

पुलिस स्मृति दिवस का इतिहास 21 अक्टूबर 1959 की उस घटना से जुड़ा है, जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों ने भारतीय पुलिसकर्मियों के एक गश्ती दल पर अचानक हमला कर दिया था। इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 10 जवान शहीद हो गए थे। उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान की याद में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।

विषयजानकारी
दिवस का नामराष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस
अंग्रेजी नामPolice Commemoration Day
तारीख21 अक्टूबर
वर्ष 2026 में दिनबुधवार
ऐतिहासिक घटनाहॉट स्प्रिंग्स, लद्दाख में हमला
घटना की तारीख21 अक्टूबर 1959
शहीद जवान10 CRPF कर्मी
दिवस मनाने का निर्णयजनवरी 1960
प्रमुख स्मारकराष्ट्रीय पुलिस स्मारक, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली
मुख्य उद्देश्यड्यूटी के दौरान शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देना

Police Commemoration Day 2026: पुलिस स्मृति दिवस कब है?

भारत में राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह दिवस बुधवार को मनाया जाएगा।

इस दिन देशभर की पुलिस इकाइयों और विभिन्न सुरक्षा बलों में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है। राष्ट्रीय स्तर पर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (National Police Memorial) में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

पुलिस स्मृति दिवस केवल एक ऐतिहासिक घटना को याद करने का दिन नहीं है, बल्कि यह देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों द्वारा किए जाने वाले कठिन कार्यों और उनके बलिदान को सम्मान देने का अवसर भी है।


पुलिस स्मृति दिवस क्यों मनाया जाता है?

पुलिस स्मृति दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य देश की सुरक्षा और सेवा करते हुए शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देना है। इस दिन विशेष रूप से 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में शहीद हुए 10 CRPF जवानों के बलिदान को याद किया जाता है।

उस समय भारत-तिब्बत सीमा के एक दुर्गम क्षेत्र में भारतीय पुलिसकर्मियों को गश्त और सीमा की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी दौरान चीनी सैनिकों ने एक भारतीय गश्ती दल पर घात लगाकर हमला कर दिया। संख्या और हथियारों के मामले में प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने साहस के साथ मुकाबला किया।

इस घटना ने देश को पुलिसकर्मियों की बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। इसके बाद जनवरी 1960 में आयोजित पुलिस महानिरीक्षकों के सम्मेलन में 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।

आज यह दिन उन सभी पुलिसकर्मियों को भी याद करने के लिए मनाया जाता है, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान देश और समाज की सुरक्षा करते हुए अपने प्राण गंवाए।


पुलिस स्मृति दिवस का इतिहास

पुलिस स्मृति दिवस का इतिहास वर्ष 1959 की भारत-चीन सीमा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घटना से शुरू होता है। उस समय लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में भारतीय पुलिसकर्मी सीमा की निगरानी और गश्त का काम कर रहे थे।

21 अक्टूबर 1959 को क्या हुआ था?

अक्टूबर 1959 में उत्तर-पूर्वी लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में भारतीय गश्ती दलों को भेजा गया था। 20 अक्टूबर को तीन टोही दल क्षेत्र में गए थे। इनमें से दो दल वापस लौट आए, लेकिन तीसरे दल के सदस्य वापस नहीं आए।

इसके बाद लापता जवानों की तलाश के लिए एक अन्य दल रवाना हुआ। इस खोज अभियान में पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो के लगभग 20 कर्मी शामिल थे। इस दल का नेतृत्व करम सिंह कर रहे थे।

21 अक्टूबर 1959 को जब यह दल आगे बढ़ रहा था, तभी चीनी सैनिकों ने एक पहाड़ी से अचानक गोलीबारी शुरू कर दी और ग्रेनेड फेंके। भारतीय दल को पर्याप्त आड़ नहीं मिल पाई और वह भारी नुकसान की स्थिति में आ गया।

इस हमले में 10 भारतीय पुलिसकर्मी शहीद हो गए। सरकारी विवरण के अनुसार, सात जवानों को चीनी सैनिकों ने बंदी बना लिया था, जबकि अन्य कर्मी वहां से निकलने में सफल रहे। यह घटना भारतीय पुलिस बल के इतिहास में साहस और बलिदान के एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद की जाती है।

शहीद जवानों के पार्थिव शरीर कब लौटाए गए?

इस घटना के बाद शहीद जवानों के पार्थिव शरीर भारत को वापस सौंपे गए। CRPF और सरकारी विवरणों में 13 नवंबर 1959 की तारीख का उल्लेख मिलता है। इसके बाद हॉट स्प्रिंग्स में पूरे पुलिस सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

इस घटना ने भारतीय पुलिस बल के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देश के प्रति समर्पण को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। शहीद जवानों के सम्मान में हॉट स्प्रिंग्स में स्मारक बनाने का निर्णय भी लिया गया।


21 अक्टूबर को ही पुलिस स्मृति दिवस क्यों मनाया जाता है?

21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाने के पीछे 1959 की हॉट स्प्रिंग्स घटना मुख्य कारण है। इसी दिन चीनी सैनिकों के हमले में 10 भारतीय पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।

उनकी शहादत को सम्मान देने और ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को याद करने के उद्देश्य से जनवरी 1960 में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिरीक्षकों के वार्षिक सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाएगा।

इस निर्णय के बाद 21 अक्टूबर को देशभर की पुलिस इकाइयों में शहीदों को श्रद्धांजलि देने की परंपरा शुरू हुई। समय के साथ यह दिवस पूरे देश के पुलिस बलों के लिए सम्मान और स्मरण का प्रतीक बन गया।


राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस का महत्व

पुलिस स्मृति दिवस का महत्व केवल अतीत की एक घटना को याद करने तक सीमित नहीं है। यह दिन हमें उन पुलिसकर्मियों के योगदान को समझने का अवसर देता है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटते।

1. शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि: इस दिन ड्यूटी के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों को सम्मानपूर्वक याद किया जाता है। उनके बलिदान को देश की सुरक्षा और सेवा के लिए दिए गए सर्वोच्च योगदान के रूप में देखा जाता है।

2. पुलिसकर्मियों के साहस का सम्मान: पुलिसकर्मी अपराध, हिंसा, आतंकवाद, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की मदद करते हैं। यह दिवस उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को सम्मान देने का अवसर है।

3. नागरिकों में जागरूकता: आम नागरिकों को यह समझने का अवसर मिलता है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और समाज को सुरक्षित रखने में पुलिस की क्या भूमिका है।

4. कर्तव्य और सेवा की प्रेरणा: पुलिस स्मृति दिवस नई पीढ़ी को देशसेवा, अनुशासन, जिम्मेदारी और निस्वार्थ समर्पण की प्रेरणा देता है।

5. राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सम्मान: यह दिन याद दिलाता है कि देश की सुरक्षा केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है। आंतरिक सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा में भी पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।


राष्ट्रीय पुलिस स्मारक कहां स्थित है?

राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (National Police Memorial) नई दिल्ली के चाणक्यपुरी क्षेत्र में स्थित है। यह स्मारक देश के उन पुलिसकर्मियों की याद में बनाया गया है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 अक्टूबर 2018 को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय पुलिस स्मारक राष्ट्र को समर्पित किया था। यहां पुलिस स्मृति दिवस पर राष्ट्रीय स्तर के श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न पुलिस एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।

इस स्मारक का उद्देश्य देश की सेवा में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के बलिदान को स्थायी सम्मान देना और नागरिकों को उनके योगदान की याद दिलाना है।


पुलिस स्मृति दिवस कैसे मनाया जाता है?

पुलिस स्मृति दिवस पर देशभर की पुलिस इकाइयों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों में शहीद पुलिसकर्मियों के नाम पढ़े जाते हैं और उनके सम्मान में मौन रखा जाता है।

इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करते हैं। पुलिसकर्मियों के योगदान, बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा को याद किया जाता है। विभिन्न राज्यों में पुलिस बल अपने स्तर पर स्मरण समारोह और परेड आयोजित करते हैं।

नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में भी राष्ट्रीय स्तर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और दिल्ली पुलिस के कर्मी भाग लेते हैं।

इन आयोजनों के माध्यम से यह संदेश दिया जाता है कि देश अपने सुरक्षा कर्मियों के बलिदान को कभी नहीं भूलता।


अक्टूबर माह के महत्वपूर्ण दिवस:
● 02 अक्टूबर: गाँधी जयंती, लाल बहादुर शास्त्री जयंती
● 03 अक्टूबर: बॉयफ्रेंड डे
● 04 अक्टूबर: विश्व पशु दिवस
● 05 अक्टूबर: अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस
● 06 अक्टूबर: वर्ल्ड स्माइल डे
● 07 अक्टूबर: विश्व कपास दिवस
● 08 अक्टूबर: वायु सेना दिवस, विश्व दृष्टि दिवस
● 09 अक्टूबर: विश्व डाक दिवस, विश्व अंडा दिवस
● 10 अक्टूबर: मानसिक स्वास्थ्य दिवस, प्रवासी पक्षी दिवस, राष्ट्रीय डाक दिवस
● 11 अक्टूबर: अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस
● 12 अक्टूबर: विश्व गठिया दिवस
● 13 अक्टूबर: नो ब्रा डे
● 16 अक्टूबर: विश्व खाद्य दिवस
● 24 अक्टूबर: विश्व पोलियो दिवस
● 31 अक्टूबर: एकता दिवस (वल्लभभाई जयंती)


Sandeep Kumar

संदीप, HindiGyanStudio.Com के प्रमुख लेखक हैं, वे अक्सर इस पर महत्वपूर्ण दिवसों, जयंती, त्योहारों और अन्य जरुरी विषयों पर जानकारी अपडेट करते हैं। उनके पास कंटेंट लेखन में 5 सालों से अधिक का अनुभव है, वे इससे पहले कई वेबसाइट्स पर आर्टिकल लिखते रहे है।

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