International Education Day 2026: कब और क्यों मनाते हैं अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस? जानिए इतिहास, महत्व और थीम

क्या आपने कभी सोचा है कि अगर शिक्षा न हो तो समाज, देश और भविष्य कैसा होगा? दुनिया के करोड़ों बच्चे आज भी स्कूल से बाहर हैं और यही चिंता 24 जनवरी को मनाए जाने वाले International Education Day 2026 की वजह बनती है। यह दिन सिर्फ शिक्षा का जश्न नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा…



Antarrashtriya Shiksha Diwas 2026: शिक्षा किसी भी समाज की सबसे मजबूत नींव होती है। अगर किसी देश की शिक्षा व्यवस्था कमजोर है, तो उसका लोकतंत्र खोखला, अर्थव्यवस्था अस्थिर और समाज दिशाहीन हो जाता है। आज के समय में शिक्षा सिर्फ पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह सोचने, समझने, निर्णय लेने और भविष्य को आकार देने की क्षमता भी देती है। इसी सच्चाई को दुनिया के सामने बार-बार याद दिलाने के लिए हर साल अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस (International Education Day) मनाया जाता है।

अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस - 24 जनवरी 2026
अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस – 24 जनवरी 2026

इंटरनेशनल एजुकेशन डे हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या वाकई शिक्षा सभी तक समान रूप से पहुंच रही है? क्या युवा केवल शिक्षा प्राप्त करने वाले हैं या शिक्षा को नया रूप देने वाले भी बन सकते हैं? इन सवालों का जवाब ही इस दिवस की आत्मा है।


अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस कब मनाया जाता है?

अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस हर साल 24 जनवरी को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह दिन संयुक्त राष्ट्र द्वारा आधिकारिक रूप से घोषित है और इसके सभी सदस्य देश इस अवसर पर शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हैं। 24 जनवरी का दिन केवल एक तारीख नहीं, बल्कि एक वैश्विक संकल्प है कि शिक्षा को हर व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस दिवस का उद्देश्य शिक्षा को वैश्विक स्तर पर सम्मान देना, शांति और विकास में उसकी भूमिका को उजागर करना, और समावेशी, समान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुनिश्चित करना है — यह UNESCO और UNGA के मूल सिद्धांतों में शामिल है।


अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस की शुरुआत और इतिहास

अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस का इतिहास बहुत पुराना नहीं है, लेकिन इसका महत्व बेहद गहरा है। 3 दिसंबर 2018 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया, जिसके तहत 24 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस घोषित किया गया। इस घोषणा को Resolution 73/25 (UNGA) के तौर पर अपनाया गया। इस प्रस्ताव को नाइजीरिया और 58 अन्य सदस्य देशों द्वारा साथ में तैयार (co-authored) किया गया था।

इसके बाद पहली बार यह दिवस 24 जनवरी 2019 को मनाया गया। इस पहल के पीछे सबसे बड़ी वजह यह थी कि दुनिया भर में करोड़ों बच्चे और युवा स्कूल से बाहर थे या गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित थे। संयुक्त राष्ट्र ने स्पष्ट रूप से कहा कि शिक्षा के बिना न तो शांति संभव है और न ही सतत विकास।

इस प्रस्ताव के माध्यम से यह भी दोहराया गया कि शिक्षा सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) को हासिल करने का मूल आधार है, खासकर SDG-4, जिसका उद्देश्य सभी के लिए समावेशी, समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।

अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस (International Education Day)
अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस (International Education Day)

अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस क्यों मनाया जाता है?

अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाने का मूल कारण यह है कि शिक्षा को केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि मानव अधिकार के रूप में देखा जाए। शिक्षा एक सार्वजनिक भलाई है और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी।

इसे मनाने के मुख्य कारण / उद्देश्य

1. शिक्षा को मानव अधिकार के रूप में मान्यता देना
संयुक्त राष्ट्र द्वारा शिक्षा को एक मूलभूत मानव अधिकार, सार्वजनिक भलाई और सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में मान्यता दी गई है।

2. शांति और विकास में शिक्षा की भूमिका को उजागर करना
यह दिवस शिक्षा को शांति, स्थिरता, सामाजिक प्रगति व सतत विकास के आधार के रूप में देखने के लिए मनाया जाता है।

3. समावेशी, न्यायसंगत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की वकालत
यह सभी देशों में समग्र और समान शिक्षा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर देता है, ताकि कोई व्यक्ति जाति, लिंग, सामाजिक-आर्थिक स्थिति या युद्ध/संघर्ष जैसी बाधाओं के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।

4. वैश्विक लक्ष्यों के हिस्से के रूप में
शिक्षा को सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDG 4) के हिस्से के रूप में देखा जाता है, जिसका लक्ष्य है “सबके लिए समावेशी, न्यायसंगत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा” सुनिश्चित करना।


अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस का महत्व

आज के दौर में शिक्षा का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। आज भी दुनिया में लाखों लोग ऐसे हैं जिनका शिक्षा का अधिकार छीना जा रहा है। कहीं गरीबी बाधा बनती है, कहीं युद्ध, तो कहीं लैंगिक भेदभाव। ऐसे में यह दिवस सरकारों, संस्थाओं और आम लोगों को यह याद दिलाता है कि शिक्षा के बिना समानता और न्याय की कल्पना अधूरी है।

यह दिन इस बात पर जोर देता है कि शिक्षा को गरीबी, असमानता और भेदभाव के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार बनाया जाए। शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का साधन नहीं, बल्कि चरित्र, विवेक और सामाजिक जिम्मेदारी का निर्माण करने की प्रक्रिया है।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार आज भी लगभग 25 करोड़ बच्चे और युवा स्कूल से बाहर हैं, और 76 करोड़ से अधिक वयस्क अशिक्षित हैं। यह आंकड़े केवल संख्या नहीं, बल्कि एक चेतावनी हैं कि शिक्षा में बदलाव अब टाला नहीं जा सकता।


International Education Day 2026 की थीम

हर साल अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस एक खास थीम के साथ मनाया जाता है, ताकि शिक्षा के किसी एक महत्वपूर्ण पहलू पर दुनिया का ध्यान केंद्रित किया जा सके। International Education Day 2026 की थीम है: “The Power of Youth in Co-creating Education” यानी “शिक्षा के सह-निर्माण में युवाओं की शक्ति”

इस थीम का संदेश बेहद स्पष्ट और प्रेरणादायक है। आज का युवा केवल शिक्षा प्रणाली का उपभोक्ता नहीं है, बल्कि वह उसे नया रूप देने की क्षमता भी रखता है। युवा अपने अनुभव, तकनीकी समझ और रचनात्मक सोच के जरिए शिक्षा को ज्यादा समावेशी, प्रासंगिक और भविष्य के अनुकूल बना सकते हैं।

यह थीम इस बात पर जोर देती है कि जब युवाओं को निर्णय प्रक्रिया में शामिल किया जाता है, तो शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जीवन से जुड़ जाती है। एक शांतिपूर्ण और समान भविष्य के निर्माण में युवाओं की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

पिछले वर्ष यानी 2025 में इस दिवस की थीम थी – “AI और शिक्षा: स्वचालन की दुनिया में मानव एजेंसी का संरक्षण” (AI and Education: Preserving Human Agency In A World of Automation), जिसने तकनीक और मानवीय मूल्यों के संतुलन पर ध्यान केंद्रित किया था।


भारत 11 नवंबर को मनाता है राष्ट्रीय शिक्षा दिवस?

जहां दुनिया 24 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाती है, वहीं भारत में 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की जयंती (जन्म-दिन) है, जिन्होंने शिक्षा, खासकर महिलाओं की शिक्षा, को समाज के विकास की कुंजी माना।

भारत सरकार (शिक्षा मंत्रालय) ने 11 सितंबर 2008 को घोषणा की कि 11 नवंबर से हर साल राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाएगा। पहली बार इसी वर्ष से, यह दिन मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की शैक्षिक दृष्टि और योगदान को याद करने और सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। इसका उद्देश्य शिक्षा के महत्व, सबके लिए शिक्षा की उपलब्धता, और देश के शिक्षा क्षेत्र की चुनौतियों पर विचार करना है।

भारत जैसे देश के लिए शिक्षा केवल विकास का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम भी है। डिजिटल इंडिया, नई शिक्षा नीति और स्किल डेवलपमेंट जैसे प्रयास इसी दिशा में कदम हैं।


जनवरी माह के सभी जरूरी दिवस:
● 03 जनवरी: सावित्रीबाई फुले की जयंती
● 10 जनवरी: विश्व हिंदी दिवस
● 12 जनवरी: राष्ट्रीय युवा दिवस (स्वामी विवेकानंद जयंती)
● 15 जनवरी: थल सेना दिवस
● 16 जनवरी: NDRF स्थापना दिवस
● 19 जनवरी: राष्ट्रिय स्टार्टअप दिवस
● 23 जनवरी: नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जयंती
● 24 जनवरी: राष्ट्रीय बालिका दिवस
● 25 जनवरी: राष्ट्रीय मतदाता दिवस
● 26 जनवरी: गणतंत्र दिवस
● 28 जनवरी: डेटा गोपनीयता दिवस
● 30 जनवरी: शहीद दिवस (महात्मा गांधी पुण्यतिथि)


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