UP Foundation Day 2026: उत्तर प्रदेश, जिसे भारत का दिल कहा जाता है, अपनी ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक विविधता और विकास की असीम संभावनाओं के लिए जाना जाता है। इसी गौरवशाली पहचान को सम्मान देने और प्रदेश की स्थापना के ऐतिहासिक क्षण को याद करने के लिए हर साल 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जाता है। इसे आम बोलचाल में यूपी दिवस भी कहा जाता है। वर्ष 2026 में यह दिवस और भी खास होने जा रहा है, क्योंकि इसे बड़े स्तर पर जनोत्सव के रूप में मनाने की तैयारी की जा रही है।

| दिवस का नाम | उत्तर प्रदेश दिवस |
|---|---|
| तारीख | 24 जनवरी (वार्षिक) |
| शुरुआत | वर्ष 2017 में (तत्कालीन उत्तरप्रदेश सरकार) |
| पहली बार मनाया गया | 24 जनवरी 2018 |
| उद्देश्य | प्रदेश के गौरवशाली अतीत, समृद्ध संस्कृति और विकासशील वर्तमान को सामने लाना |
| थीम (2026) | विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश |
उत्तर प्रदेश दिवस क्यों मनाया जाता है?
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस हर साल 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह वही दिन है जब वर्ष 1950 में स्वतंत्र भारत के नक्शे पर ‘संयुक्त प्रांत’ का नाम बदलकर आधिकारिक रूप से उत्तर प्रदेश रखा गया था। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है, ताकि प्रदेश के लोग अपने राज्य के गौरव, इतिहास और विकास यात्रा से जुड़ सकें।
उत्तर प्रदेश दिवस केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की आत्मा को पहचानने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य है प्रदेश के गौरवशाली अतीत, समृद्ध संस्कृति और विकासशील वर्तमान को सामने लाना।
यूपी दिवस के माध्यम से सरकार यह संदेश देती है कि उत्तर प्रदेश सिर्फ इतिहास का राज्य नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं का केंद्र भी है। यह दिवस निवेशकों, युवाओं और प्रवासी उत्तर भारतीयों को प्रदेश से जोड़ने का काम करता है।
उत्तर प्रदेश ने समय के साथ कई बड़े परिवर्तन देखे हैं। वर्ष 2000 में पर्वतीय क्षेत्र को अलग कर उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ, जिसके बाद उत्तर प्रदेश ने अपना वर्तमान भौगोलिक स्वरूप प्राप्त किया। इसके बावजूद, जनसंख्या, संसाधनों और संभावनाओं के लिहाज से उत्तर प्रदेश आज भी देश का सबसे महत्वपूर्ण राज्य बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस का इतिहास: 24 जनवरी ही क्यों चुनी गई तारीख
UP दिवस मनाने के लिए 24 जनवरी की तारीख इसलिए चुनी गई, क्योंकि इसी दिन 1950 में भारत के गवर्नर जनरल द्वारा यूनाइटेड प्रोविन्स (नाम परिवर्तन) आदेश पारित किया गया था, जिसके तहत संयुक्त प्रांत का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश किया गया। मई 2017 में सरकार की घोषणा के बाद 24 जनवरी 2018 को पहली बार उत्तर प्रदेश दिवस आधिकारिक रूप से मनाया गया।
दरअसल इसकी शुरुआत से पहले, लंबे समय तक यह सवाल उठता रहा कि जब महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक जैसे कई राज्य अपने स्थापना दिवस मनाते हैं, तो उत्तर प्रदेश क्यों नहीं। यह मांग खास तौर पर वर्ष 2017 के आसपास तेज हुई। उस समय के राज्यपाल राम नाईक ने इस विषय को गंभीरता से उठाया और उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर स्थापना दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा।
राज्यपाल राम नाईक का मानना था कि महाराष्ट्र में रहने वाले उत्तर भारतीय वहां यूपी दिवस मनाते हैं, लेकिन खुद उत्तर प्रदेश में इस तरह का कोई आयोजन नहीं होता, जो आश्चर्यजनक है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वर्ष 2014 में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से 24 जनवरी को यूपी दिवस के रूप में मनाने का आग्रह किया था।
वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रस्ताव को तुरंत स्वीकार किया और घोषणा की कि अब उत्तर प्रदेश भी अपना स्थापना दिवस मनाएगा। इसके पीछे उद्देश्य साफ था—प्रदेश के लोगों को अपने इतिहास, संस्कृति और पहचान से जोड़ना।
उत्तरप्रदेश दिवस 2026 की थीम (विषय-वस्तु)
उत्तर प्रदेश दिवस 2026 की थीम है – “विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश”। यह थीम सीधे तौर पर देश और प्रदेश के साझा विकास के संकल्प को दर्शाती है। सरकार का मानना है कि जब उत्तर प्रदेश विकसित होगा, तभी भारत के विकसित राष्ट्र बनने का सपना पूरा होगा।
इस वर्ष यूपी दिवस को राज्य और जनपद दोनों स्तरों पर भव्य, समावेशी और जनभागीदारी के साथ मनाने की तैयारी की जा रही है। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हो चुकी है, जिसमें कार्यक्रमों की रूपरेखा, प्रदर्शनियों, सम्मान समारोहों और सांस्कृतिक आयोजनों को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में यूपी दिवस की थीम “विकास और विरासत, प्रगति पथ पर उत्तर प्रदेश” थी, जिसमें तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। 2026 की थीम उस यात्रा को और आगे बढ़ाती है।
यूपी दिवस (UP Day) का महत्व
उत्तर प्रदेश दिवस का महत्व केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है। इस अवसर पर प्रदेश की लोक कला, शिल्प, हस्तकला, इतिहास, परंपरा और कौशल को बड़े मंच पर प्रस्तुत किया जाता है।
सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल और प्रदर्शनियों के माध्यम से जनता को सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और भविष्य की परियोजनाओं की जानकारी दी जाती है। यह दिन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है और उन्हें अपने राज्य के विकास में भागीदार बनने के लिए प्रोत्साहित करता है।
इसके साथ ही यूपी दिवस का एक बड़ा उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना भी है। देश-विदेश के निवेशकों को उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, पर्यटन और एमएसएमई संभावनाओं से अवगत कराया जाता है, जिससे रोजगार और आर्थिक विकास को गति मिलती है।
UP Diwas 2026: 24 से 26 जनवरी 2026 तक होंगे भव्य आयोजन
उत्तर प्रदेश दिवस 2026 का आयोजन 24 जनवरी से 26 जनवरी तक तीन दिनों तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे जनोत्सव के रूप में मनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि आम जनता की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
इस वर्ष आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण “एक जनपद–एक व्यंजन” कार्यक्रम होगा। इसके जरिए प्रदेश के हर जिले की विशिष्ट पाक परंपरा को सामने लाया जाएगा। इससे उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और खाद्य विविधता को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
इस बार यूपी दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष महत्व मिलने जा रहा है, क्योंकि भारत सरकार के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह यूपी दिवस 2026 के मुख्य अतिथि होंगे। उनकी उपस्थिति से आयोजन की गरिमा और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे।
राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित होगा, जबकि सभी जिलों में भी बड़े स्तर पर कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा, फिजी, मॉरीशस, मालदीव, सिंगापुर और थाईलैंड जैसे देशों में स्थित भारतीय दूतावासों के सहयोग से विदेशों में भी उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जाएगा। इन आयोजनों के लिए एमएसएमई और पर्यटन विभाग द्वारा विशेष स्मृति चिन्ह उपलब्ध कराए जाएंगे।
जनवरी माह के सभी जरूरी दिवस:
● 03 जनवरी: सावित्रीबाई फुले की जयंती
● 10 जनवरी: विश्व हिंदी दिवस
● 12 जनवरी: राष्ट्रीय युवा दिवस (स्वामी विवेकानंद जयंती)
● 15 जनवरी: थल सेना दिवस
● 16 जनवरी: NDRF स्थापना दिवस
● 19 जनवरी: राष्ट्रिय स्टार्टअप दिवस
● 23 जनवरी: नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जयंती
● 24 जनवरी: राष्ट्रीय बालिका दिवस
● 25 जनवरी: राष्ट्रीय मतदाता दिवस
● 26 जनवरी: गणतंत्र दिवस
● 28 जनवरी: डेटा गोपनीयता दिवस
● 30 जनवरी: शहीद दिवस (महात्मा गांधी पुण्यतिथि)










